प्लास्टिक बंदी पर सख्त सरकार

राज्य में प्लास्टिक बंदी का निर्णय सफल बनाने के लिए और सुधार व उपाय योजना करने की आवश्यकता है। राज्य में २३,७०२ मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरा निकलता है जिसमें से १२,५४८ मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरा की प्रक्रिया की जाती है।
इस कचरा से खेती की खाद उत्पादन करके किसानों को कम दर पर खाद देने का सरकार का निर्णय है, ऐसी जानकारी कल विधानसभा में पर्यावरण मंत्री रामदास कदम ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से पूछे गए सवाल के जवाब में दी। दूध की एक करोड़ थैलियां प्रतिदिन सड़क पर फेंकी जाती हैं। इन थैलियों के संबंध में सभी दूध उत्पादक संगठनों और संस्थाओं को विश्वास में लेकर दूध विक्रेताओं के यहां दूध थैली का ५० पैसा डिपॉजिट लिया जाएगा। इससे ३१ टन प्लास्टिक कचरे में कमी आएगी।
रामदास कदम ने सदन में बताया कि वापी और गुजरात मार्ग से ८० प्रतिशत प्लास्टिक महाराष्ट्र में आता है। उन्होंने बताया कि मैं स्वयं महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर जाकर ट्रकों को पकड़ा था। गोडाउन पर छापा मारकर एक लाख २० हजार मीट्रिक टन प्लास्टिक इकट्ठा किया और ९८६ मीट्रिक टन प्लास्टिक को जप्त किया था।
प्लास्टिक पर २४ कंपनियां प्रतिदिन ५५० मेट्रिक टन प्लास्टिक का रिसायकल करने का काम कर रही हैं। सीमेंट कंपनियों में एल एंड टी अंबुजा सीमेंट कंपनी को तीन हजार मीट्रिक टन प्लास्टिक का उपयोग सीमेंट बनाने में करने का आदेश दिया गया है।