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फटाफट क्रिकेट का फालूदा

ये किसी फालूदे की तरह ही है। हालांकि फालूदा एक विशेष पेय है किंतु इस शब्द का प्रयोग कभी कभार गड़बड़ी के तौर पर कर लिया जाता है जैसे २०२१ के फटाफट क्रिकेट यानि टी२० विश्वकप को लेकर चल रहा संकट है। यूं तो कोरोना वायरस ने साल २०२० को बुरी तरह बर्बाद कर दिया है। फटाफट क्रिकेट का महाकुंभ यानि टी२० वर्ल्ड कप, जो अगले साल तक के लिए टाल दिया गया है। ये ऑस्ट्रेलिया में होने वाला था मगर इसे अगले साल २०२१ में हिन्दुस्थान शिफ्ट कर दिया। और २०२२ में होने वाले टी२० वर्ल्ड कप की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया को दे दी। लेकिन अब खबर यह आ रही है कि अगर किसी वजह से टी२० वर्ल्ड कप २०२१ हिन्दुस्थान में नहीं हो पाता तो वो कौन से देश होंगे जहां इसे आयोजित किया जा सकता है। यानि तै नहीं है। विश्वकप का फालूदा बन रहा है। अगर अगले साल भी कोरोना वायरस का प्रकोप हिन्दुस्थान में यूंही चलता रहा तो आईसीसी के बैक वेन्यू मानक प्रोटोकॉल के तहत यह प्रतियोगित श्रीलंका या यूएई में खेली जा सकती है। दरअसल बैक वेन्यू मानक प्रोटोकॉल आईसीसी अपने हर टूर्नामेंट में रखता है, जिसका मतलब तय वेन्यू के अलावा बैक अप वेन्यू लेकर चलना।