फर्जीराज का पर्दाफाश! १० हजार दो लाइसेंस लो

मुंबई में वाहन चोरी के साथ-साथ फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनानेवाले गिरोह की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। ये गिरोह थोड़े से पैसों के लालच में लोगों को फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस एवं अन्य जाली दस्तावेज बनाकर देते हैं। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट-९ ने ऐसे ही एक गिरोह के दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि ताहिर हुसैन सरदार हुसैन शेख और सायना सैद खान नामक आरोपी १० हजार रुपए में हूबहू असली लगनेवाले ड्राइविंग लाइसेंस लोगों को बनाकर देते थे। इस गैंग से जुड़े लोगों के खार इलाके में आने की सूचना यूनिट-९ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश देसाई को मिली थी। देसाई के मार्गदर्शन में पीआई आशा कोरके व सुधीर जाधव, विजय अंबावडे, विकास सावंत, पेडणेकर आदि की टीम ने जाल बिछाकर ताहिर और सायना को दबोच लिया। आरोपी वहां जाली ड्राइविंग लाइसेंस ग्राहक को देने आए थे। ताहिर और सायना ट्रॉम्बे स्थित चीता कैंप निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ताहिर घर में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाता था और सायना ग्राहक ढूंढ़कर उन तक लाइसेंस पहुंचाती थी। उनका गिरोह अब तक ६ लोगों को जाली ड्राइविंग लाइसेंस बेच चुका है। पुलिस को आरोपियों के घर की तलाशी में २० फर्जी लाइसेंस मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों का कंप्यूटर, स्कैनर मशीन और प्रिंटर भी जप्त कर लिया है। खार पुलिस थाने में दर्ज इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। कोर्ट ने फिलहाल ताहिर और सायना को २६ दिसंबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है।