" /> फांसी की तारीख आते ही चीख पड़े दोषियों के वकील

फांसी की तारीख आते ही चीख पड़े दोषियों के वकील

निर्भया केस में पटियाला हाउस कोर्ट ने चौथी बार डेथ वारंट जारी कर दिया है। कोर्ट ने चारों दोषियों को २० मार्च सुबह ५.३० बजे फांसी का आदेश सुनाया है। बताया जा रहा है कि अब यह आखिरी तारीख है लेकिन दोषियों के वकील एपी सिंह ने दावा किया है कि उनके पास अभी कानूनी विकल्प बचे हुए हैं। कई बार फांसी टलवा चुके एपी सिंह ने कहा है कि दोषियों को बार-बार फांसी सुनाई जा रही है, यह न्यायिक हत्या है।
डेथ वारंट जारी होने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया से बात करते हुए एपी सिंह आपा खो बैठे। उन्होंने कहा कि आज चौथा वारंट जारी हुआ है। आप तीन बार पहले भी उन्हें फांसी दे चुके हैं और कितनी बार उनको फांसी दोगे? मीडिया प्रेशर में संविधान के रहते हुए कितनी बार फांसी दोगे? ये आतंकवादी नहीं हैं, यह पढ़े लिखे हैं। ये जेल में सुधर रहे हैं, अपना परिवर्तन कर रहे हैं। आपकी चीखें बता रही हैं कि कितना प्रेशर है? एपी सिंह ने कहा कि अक्षय का कानूनी विकल्प बचा हुआ है। अक्षय की मर्सी पिटीशन जेल में रिसीव कराई। कोर्ट ने पूछा कि जेल में अक्षय की मर्सी पिटिशन है? जेल ने कहा हां है। एपी सिंह ने कहा कि आज ही सुप्रीम कोर्ट एक और सुनवाई होनी है। केंद्र सरकार ने दोषियों को अलग-अलग फांसी के लिए याचिका दायर की थी। एपी सिंह ने कोर्ट पर भी गंभीर आरोप जड़ दिए। उन्होंने कहा कि कोर्ट की ओर से मुझे कहा गया कि आप आग से खेल रहे हो। आपके लिए परिणाम गलत होंगे। इसका मतलब है कि मुझे डराया जा रहा है। मुझे धमकाया जा रहा है। मेरा शोषण किया जा रहा है। इसका मतलब हुआ कि कानूनी अधिकार इस्तेमाल करना गलता है। गौरतलब है कि २ मार्च को दोषियों की फांसी टालने का आदेश देने से पहले कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सिंह की यह कहते हुए खिंचाई की कि आप आग से खेल रहे हैं, आपको सतर्क रहना चाहिए। किसी के द्वारा एक गलत कदम और आपको परिणाम पता हैं।