" /> फांसी के चंद घंटे पहले फिर कोर्ट पहुंचे गुनहगार!

फांसी के चंद घंटे पहले फिर कोर्ट पहुंचे गुनहगार!

निर्भया के दोषियों को शुक्रवार तड़के फांसी पर लटका दिया जाएगा। फांसी में अब जहां चंद घंटे बचे हुए वहीं दोषी इसे रोकने के लिए आखिरी घड़ी तक हर दांव अपना लेना चाहते हैं। अब चार में से तीन दोषी ने फांसी पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। देर रात खबर लिखे जाने तक हाईकोर्ट में सुनवाई जारी थी। निर्भया के परिजन कोर्ट में मौजूद थे।
वहीं एक दोषी पवन गुप्ता के वकील एपी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी गई है। बताया जा रहा है कि मामले पर देर रात सुनवाई हो सकती है। उल्लेखनीय है कि कल ही सुप्रीम कोर्ट ने अक्षय ठाकुर की याचिका खारिज की थी जिसमें उसने भी इसी तरह राष्ट्रपति द्वारा उसकी दया याचिका दूसरी बार खारिज करने को चुनौती दी थी। उधर दोषी के वकील एपी सिंह ज्वॉइंट रजिस्ट्रार के घर पर किदवई नगर में मामले की सुनवाई के अनुरोध करने के लिए पहुंचे थे। वैसे तो इस केस में अब कुछ नहीं बचा और उनके कानूनी उपाय खत्म हो चुके हैं। अगर कोर्ट यह याचिका स्वीकार कर लेती है तो संभव है कि देर रात सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई कर सकती है, क्योंकि २० मार्च की सुबह ही तीनों को फांसी दी जाएगी। बता दें कि निर्भया के चारों दोषियों मुकेश, पवन, अक्षय और विनय के पास कोई लाइफलाइन नहीं बची थी यानी उनके सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके थे। इसके बाद भी अक्षय की तरफ से उसके वकील एपी सिंह ने दया याचिका खारिज किए जाने को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। एपी सिंह ने कोर्ट से कहा कि दया याचिका के खारिज होने से अक्षय से जुड़े तमाम लोग प्रभावित होंगे। कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अक्षय के वकील से कहा कि दया याचिका खारिज होने के बाद दूसरी बार दया याचिका दी गई लेकिन राष्ट्रपति ने उसे खारिज कर दिया। अब इसकी न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती।
अक्षय की पत्नी ने कोर्ट में डाली तलाक की अर्जी
अक्षय ठाकुर की पत्नी पुनीता देवी ने कोर्ट में तलाक की अर्जी डाली हुई है। इस पर कोर्ट औरंगाबाद के पारिवारिक न्‍यायालय में कल ही सुनवाई भी होनी थी लेकिन पुनीता देवी सुनवाई के वक्त वहां नहीं पहुंची। ऐसे में सुनवाई को २४ मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। बता दें कि २० मार्च यानी आज ही चारों दोषियों को फांसी दी जानी है। ऐसे में माना जा रहा है कि ये सब फांसी की सजा को टालने के लिए किया गया हो।
पवन का नाबालिग दांव भी फेल
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्भया के दोषी पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटिशन खारिज कर दी। कोर्ट ने वारदात के वक्त पवन के नाबालिग होने की दलील को ठुकरा दिया। इसके साथ ही पवन का आखिरी दांव भी फेल हो गया। जस्टिस एन.वी. रमण के नेतृत्व में ६ जजों की एक पीठ ने उसकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह कोई मामला नहीं बनता। पीठ ने कहा कि मौखिक सुनवाई का अनुरोध खारिज किया जाता है। हमने क्यूरेटिव पिटिशन और संबंधित दस्तावेजों पर गौर किया। इसलिए हम पिटीशन को खारिज करते हैं।

 

बेटे को खिला दूं पूड़ी, सब्जी, कचौड़ा
दोषी विनय की मां की आखिरी इच्छा

घड़ी की सुइयों के अनवरत रूप से चलने के साथ निर्भया के एक बलात्कारी की मां की, अपने बेटे के फांसी के फंदे से बचने की उम्मीदें भी धूमिल पड़ती जा रही है और अब अपने बेटे के लिए उसकी आखिरी इच्छा उसे उसकी मनपसंद ‘पूड़ी, सब्जी, कचौड़ी’ खिलाना है। इस महिला का बेटा विनय शर्मा उन चार दोषियों में से एक है जिन्हें शुक्रवार को सुबह साढ़े पांच बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जानी है।
सात साल तीन महीने पहले १६ दिसंबर २०१२ की रात को एक युवती से बलात्कार और उसकी हत्या के जुर्म में उन्हें यह सजा दी गई। इस युवती को दुनियाभर में ‘निर्भया’ के नाम से पहचाना गया। जल्लाद के बुधवार को फांसी देने का परीक्षण करने और दिल्ली उच्च न्यायालय के उनमें से एक की अपील ठुकराने के बाद, फांसी तीन बार स्थगित किए जाने के बाद चारों को फांसी देने की तैयारी पूरी है। अपना नाम बताने से इनकार करने वाली तथा सिर्फ ‘विनय शर्मा की मां’ के नाम से पहचानने की इच्छा रखने वाली महिला और निराश हो गई है।
‘…मैं विनय की मां हूं’
महिला ने दक्षिण दिल्ली के रविदास कैम्प में अपने घर के बाहर कहा, ‘आप कौन हैं? क्या चाहते हैं? अंदर कोई भी नहीं है। मेरे पति काम पर गए हैं। मैं विनय की मां हूं।’ तंग गलियों, जर्जर झुग्गियों तथा खुले सीवर के बीच यह मलिन कॉलोनी अपराध के छह दोषियों में से चार का घर है। और इन्हीं तंग गलियों में कहीं अंदर जाकर विनय शर्मा का घर है। घर के बाहर ५० साल, लेकिन अपनी उम्र से कहीं अधिक बूढ़ी दिख रही महिला कपड़े धो रही है।  आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दोषी पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटिशन खारिज कर दी है। कोर्ट ने वारदात के वक्त पवन के नाबालिग होने की दलील को ठुकरा दिया है। इसके साथ ही पवन का आखिरी दांव फी फेल हो गया है। कल यानी शुक्रवार को चारों दोषियों को फांसी की सजा होनी है।