" /> फिका-फिका रहा दाउदी बोहरा समाज का ईद-उल-फितर पर्व

फिका-फिका रहा दाउदी बोहरा समाज का ईद-उल-फितर पर्व

नहीं मिल सके गले 
फोन पर ही दी गई ईद की बधाई
प्रतिवर्ष हर्षोल्लास एवं उमंग के साथ मनाया जानेवाला ईद-उल-फितर का त्यौहार इस बार फीका-फीका बीत रहा है। देशभर के दाउदी बोहरा मुस्लिम समाज ने कोरोना की महामारी के चलते घर में बड़े ही सादगी से मनाया। मुंब्रा के आनंद कोलीवाड़ा परिसर में रहनेवाले बोहरा समाज के लोगों ने अपने घरों में ईद-उल-फितर की नमाज अता की और देश में फैली इस महामारी से मुक्त होने, मुल्क की तरक्की और अमन चैन की दुआ मांगी। लोगों ने एक-दूसरे को फोन कर ईद की शुभकामनाएं दीं। समाजसेवक अजीज कांचवाला ने बताया कि कोरोना महामारी हमेशा तो नहीं आती है। ईद हमेशा आती है। पूरी दुनिया कोरोना वायरस से ग्रस्त है और ईद की खुशी यही है कि हम गले न मिलें और हाथ न मिलाएं। इस वक्त दुश्मनी निभाने के बराबर है गले मिलना, अगर मोहब्बत निभानी है तो दूर रहना चाहिए। अगर आप इस वक्त दूर से ही सलाम करते हो या मुबारकबाद देते है तो खुद भी बचते हो और दूसरों को भी बचाते हो। ईद का यही सबसे बड़ा तोहफा है। ईद का त्यौहार सबको साथ लेकर चलने का संदेश देता है।