फिटनेस दिखाओ, फूड पहुंचाओ!, एफडीए चाहती है डिजीज  फ्री डिलिवरी

– ऑनलाइन फूड मंगाने का बढ़ा प्रचलन
– डिलिवरी बॉय बाइक से पहुंचाते हैं फूड
– अस्वस्थ डिलिवरी बॉय फैला सकते हैं बीमारी
– खाना भी हो सकता है प्रदूषित
– इससे निपटने के लिए एफडीए ने बनाई योजना
– करना होगा डिलिवरी बॉयज् का रजिस्ट्रेशन
– सभी डिलिवरी बॉयज् की होगी मेडिकल जांच
– उन्हें देना पड़ेगा फिटनेस सर्टिफिकेट
– फिट होने पर ही कर पाएंगे फूड की डिलिवरी

मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपना समय और पैसा बचाने के लिए ऑनलाइन फूड एग्रिगेटर से खाना मंगवाते हैं। मुंबई सहित पूरे राज्य में स्विगी, जोमाटो, उबर इट्स जैसे ऑनलाइन फूड एग्रिगेटर से पार्सल खाना मंगवाने का चलन दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे कई प्रसंग हुए हैं जब ऑनलाइन फूड एग्रिगेटर व उनके डिलिवरी बॉय पर स्वच्छता और खाने की क्वालिटी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कभी बिना लाइसेंस प्राप्त होटलों में बना खाना लोगों तक पहुंचाया जाता है तो कभी डिलीवरी बॉय पार्सल खाने को जूठा कर ग्राहक तक पहुंचाता है। ऐसे में अब एफडीए (अन्न व औषधि प्रशासन) ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम को सख्ती से अमल में लाने का मन बना लिया है। एफडीए ने सभी ऑनलाइन फूड एग्रिगेटर को यह सूचित किया है कि उनके यहां काम करनेवाले हर डिलिवरी बॉय को एफडीए में रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसी के साथ साल में डिलिवरी बॉय को एक बार अपना मेडिकल जांच करवानी होगी। महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त डॉ. पल्लवी दराडे ने ‘दोपहर का सामना’ को बताया, ‘रजिस्ट्रेशन करवाने और फिटनेस सर्टिफिकेट दिखाने के बाद ही डिलीवरी बॉय फूड पहुंचाने के लिए योग्य माना जाएगा। यदि कोई नियम का उल्लंघन करता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एफडीए चाहती है कि खाना बनाने से लेकर ग्राहक के पास पहुंचने तक फूड ‘डिजीज फ्री’ (रोग मुक्त) होना चाहिए।
ऑनलाइन फूड पहुंचानेवाले डिलिवरी बॉय अब एफडीए के रडार पर हैं। एफडीए ने संकेत दिया है कि उसकी नजर हर उस शख्स पर है जो खाद्य पदार्थ बनाने-बेचने व पहुंचाने का कार्य कर रहा है। इसके अनुसार खाना साफ-सफाई से बना और अच्छी गुणवत्ता का होना चाहिए। उसे लोगों तक पहुंचाने वाले डिलिवरी बॉय भी रोग मुक्त होने चाहिए। यदि खाना बनानेवाले और डिलिवरी बॉय किसी रोग से ग्रसित हैं तो जिन ग्राहकों तक खाना पहुंचाया जा रहा है, वे भी उक्त रोग से ग्रसित हो सकते हैं।
बता दें कि रोजाना लाखों लोग ऑनलाइन फूड एग्रिगेटर से खाना व नाश्ता मंगवाते हैं। कंपनियों ने ग्राहकों तक खाना पहुंचाने के लिए हजारों की तादाद में डिलिवरी बॉय रखे लेकिन क्या वे फिट हैं? यह सवाल हमेशा बना रहता है। इसी के मद्देनजर महाराष्ट्र एफडीए ने यह निर्णय लिया है कि अब हर फूड डिलीवरी बॉय को एफडीए के पास रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और खुद की मेडिकल जांच करवानी होगी। एफडीए आयुक्त डॉ. पल्लवी दराडे ने कहा, ‘यह कोई नया नियम नहीं है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में साफ तौर पर लिखा हुआ है कि खाना सफाई और स्वस्थ व्यक्ति द्वारा बनाना चाहिए। इसी के साथ खाने को ग्राहकों तक पहुंचानेवाला व्यक्ति भी रोगमुक्त होना चाहिए। राज्य के लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर हमने उक्त नियम को अमल में लाने का निर्णय लिया है। फूड एग्रिग्रेटर्स को प्रत्येक डिलिवरी बॉय के रजिस्ट्रेशन के पीछे एक हजार रुपए खर्च करने होंगे इसी के साथ उनका फिटनेस टेस्ट भी करवाना होगा। नियम का पालन न करनेवाले दोषी पर आर्थिक जुर्माने के साथ कोर्ट में मामला भी दर्ज किया जा सकता है।