फिर खड़ी हुई रुनाली मोरे, शिवसेना ने दिया कृत्रिम पैर का सहारा

पिता नेत्रहीन और मां के कंधे पर घर का सारा बोझ होने के बावजूद डॉक्टर बनने का सपना देखनेवाली रुनाली मोरे ने ट्रेन हादसे में अपने दोनों पैर खो दिए थे। नौवीं में पढ़नेवाली रुनाली मोरे को शिवसेना ने कृत्रिम पैर दिए हैं, जिनके सहारे अब एक बार फिर रुनाली मोरे अपने पैरों पर खड़े होकर अपने सपनों को साकार कर सकेंगी।
आपको बता दें कि रुनाली मोरे नौवीं कक्षा की छात्रा है। १४ अगस्त, २०१८ को गणित की क्लासेस जा रही थी इसी बीच वह एक ट्रेन हादसे का शिकार हो गई थी। उस भीषण हादसे में रुनाली को अपने दोनों पैर गंवाने पड़े थे। इस हादसे में जहां उसका गरीब परिवार टूट गया था, वहीं रुनाली ने कभी हार नहीं मानी। जब इसका पता जिले के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद राजन विचारे को चला तो तत्काल इन दोनों ने उसे फिर से पैर पर खड़े होने के लिए प्रेरित किया। सांसद राजन विचारे ने अपनी सांसद निधि से २ लाख २० हजार रुपए की आर्थिक निधि का इस्तेमाल करते हुए कृत्रिम पैर लगवाए हैं। इस अत्याधुनिक कृत्रिम पैर से अब रुनाली फिर से अपने पैर पर खड़ी हो गई हैं। रुनाली ने सांसद द्वारा की गई इस मदद को लेकर उनका आभार माना और कहा कि वे अब जरूर अपना डॉक्टर बनने का सपना साकार करेंगी।