फिर लटकी मोनो यात्रियों की सुरक्षा, इमरजेंसी लैंडिंग अब तक पेंडिंग

दो स्टेशनों के बीच हादसों से निपटने के लिए मोनो रेल प्रशासन ने इमरजेंसी लैंडिंग की योजना तो बनाई है लेकिन दो टेंडर निकाले जाने के बाद भी कोई ठेकेदार मोनो की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए आगे नहीं आया है। यही कारण है कि दो टेंडर फेल हो जाने के बाद एक बार फिर मोनो रेल यात्रियों की सुरक्षा लटकी हुई है। ऐसे में एमएमआरडीए ने इस बार तीसरा टेंडर निकाला है।
मोनो रेल यात्रियों की आपातकाल अवस्था में इमरजेंसी लैंडिंग के लिए फरवरी २०१८ में पहला टेंडर निकाला गया था लेकिन एमएमआरडीए को ठेका कंपनियों से कोई रुचि नहीं मिली। अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन कमिश्नर संजय खंडारे का कहना है कि स्मार्ट कॉरपोरेशन से हमें २.५ करोड़ रुपए का केवल एक ही ठेकेदार मिला था जो कि हमारी इस परियोजना की लागत से काफी अधिक था। लगातार मोनो रेल में हो रही तकनीकी परेशानी और नवंबर २०१७ में मोनो रेल में लगी आग की घटना के बाद आपातकाल स्थिति में मोनो रेल से नीचे उतरने के लिए एमएमआरडीए ने एक योजना बनाई थी। एमएमआरडीए के अधिकारियों के मुताबिक वडाला-जैकब सर्कल मोनो रेल का दूसरा चरण मार्च-अप्रैल तक शुरू करने की योजना है। ऐसे में हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द कोई ठेकेदार इस चुनौती को स्वीकार करे। यह ट्रेन वडाला, लोअर परेल, चिंचपोकली, डेलिसले रोड और जैकब सर्कल से होकर गुजरेगी जो कि बहुत ही प्रदूषित इलाका है।
मोनो की परेशानी
२०१४
अगस्त-वीएन पूर्वे मार्ग-आरसी मार्ग जंक्शन के बीच मोनो में तकनीकी खराबी
अक्टूबर-एक रेक में परेशानी के कारण मोनो सेवा ३ घंटे के लिए रुकी
२०१५
मार्च- विद्युत प्रवाह में परेशानी के कारण मोनो सेवा प्रभावित
अप्रैल-विद्युत प्रवाह में तकनीकी खराबी के कारण सेवा रुकी
२०१६
जून- रोलिंग स्टॉक का टायर फट कर चेंबूर के पास सड़क पर नीचे गिर गया था।
अगस्त – दोबारा रोलिंग स्टॉक का  टायर फट कर भक्ति पार्क  के पास सड़क पर गिर गया था।