" /> फिलहाल संशय है अमरनाथ यात्रा शुरू होने पर, सैद्धांतिक तौर पर इसके संपन्न होने की संभावना न के बराबर 

फिलहाल संशय है अमरनाथ यात्रा शुरू होने पर, सैद्धांतिक तौर पर इसके संपन्न होने की संभावना न के बराबर 

वार्षिक अमरनाथ यात्रा के इस बार संपन्न होने की संभावना सैद्धांतिक तौर पर न के ही बराबर है क्योंकि कुछ दिनों पहले इस संबंध में राजभवन में अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया था कि कोरोना से उपजी परिस्थितियों के चलते शायद ही इस बार अमरनाथ यात्रा संपन्न करवाई जा सके। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि इसके प्रति इस बार कोई तैयारी भी अभी तक नहीं शुरू हो पाई है। हालांकि केदारनाथ की तरह इस यात्रा को इस बार समेट कर एक सप्ताह तक करवाए जाने की संभावनाओं पर जरूर विचार मंथन किया जा रहा है। जानकारी के लिए श्राइन बोर्ड बनाए जाने से पहले यह यात्रा सिर्फ 15 दिनों की ही होती थी।

यात्रा से पहले पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक से बर्फ हटाने का काम किया जाता है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसमें दिक्कतें आ रही हैं। इस समय प्रशासन और सरकार का सारा ध्यान कोरोना वायरस से बचाव पर लगा हुआ है। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार अगर लॉकडाउन खिंचता है तो यात्रा पंजीकरण प्रक्रिया को शुरू नहीं किया जा सकता है। यह पंजीकरण बैंक शाखाओं के माध्यम से किया जाना है। इस समय बैंकों में भी सीमित काम हो रहा है।

इस समय कोरोना वायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन है, जो 17 मई तक चलेगा। हालांकि संभावना यह भी व्यक्त की जा रही है कि शायद लॉकडाउन कुछ और दिनों के लिए बढ़ जाए। चूंकि एडवांस पंजीकरण बैंकों में होता है इसलिए इसे स्थगित किया गया है। लंगरों के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया 25 फरवरी को ही समाप्त हो गई थी। देशभर से 115 लंगर संगठनों ने श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के पास आवेदन किया है। यह लंगर यात्रा के आधार शिविरों बालटाल, पहलगाम और यात्रा मार्गों पर लगते हैं।

अमरनाथ यात्रा को करीब आता देखकर कोरोना प्रकोप से पहले ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे व्यापार जगत की चिंताएं बढ़ने लग गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि अमरनाथ यात्रा आरंभ होने से पहले-पहले देशभर में कोरोना का प्रकोप समाप्त नहीं हुआ तो इसका असर यात्रा पर भी देखने को मिलेगा। व्यापारी इस उम्मीद में थे कि यात्रा शुरू होने पर जम्मू-कश्मीर में आर्थिक मंदी दूर होगी और यहां ठप पड़ी व्यापारिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी। परंतु अब जम्मू-कश्मीर सहित देशभर में कोरोना के बढ़ते मामलों ने उनकी चिंता को बढ़ाना शुरू कर दिया है। व्यापारी भगवान से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि यात्रा आरंभ होने से पहले कोरोना का प्रभाव कम हो, ताकि लोग इस विकट परिस्थित से बाहर निकल सकें।