फिश फ्रेंडली बाप्पा!

अब तक आपने `इको फ्रेंडली’ बाप्पा का नाम सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी `फिश  फ्रेंडली बाप्पा’ का नाम सुना या देखा है। अगर नहीं तो हम आपको बता दें कि मुंबई में रहनेवाली कृपा शाह ने पर्यावरण और समुद्री जीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल फिश फ्रेंडली गणपति बाप्पा की मूर्ति निर्मित कर पर्यावरण और समुद्री जीवों को बचाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है।
मुंबई में हर साल २ लाख से अधिक गणेश प्रतिमाएं घरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित की जाती हैं। इसमें से अधिकतर गणेश प्रतिमाओं को प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से तैयार किया जाता है, जो कि पर्यावरण और समुद्री जीवों के लिए हानिकारक है। हालांकि दक्षिण मुंबई में रहनेवाली कृपा शाह ने एक नई सोच के साथ इस बार फिश फ्रेंडली बाप्पा की मूर्ति तैयार की है ताकि बाप्पा की इस मूर्ति से समुद्री जीवों को खुराक मिले साथ ही समुद्र में प्रदूषण भी न हो। कृपा शाह ने फिश फेंडली बाप्पा की मूर्ति तैयार करने के लिए लाल मिट्टी, फिटकरी और फिश फूड का इस्तेमाल किया है। कृपा शाह ने `दोपहर का सामना’ को बताया कि होममेड फिश फूड में हमने गेहूं, बाजरा और सूखे चावल का इस्तेमाल किया है जबकि समुद्र का पानी स्वच्छ रह सके इसलिए फिटकरी का इस्तेमाल किया गया है। फिश फ्रेंडली गणेश प्रतिमा का निर्माण करने के पीछे कृपा शाह का मकसद समाज में लोगों के बीच इको प्रâेंडली गणेश मूर्ति की स्थापना को बढ़ावा देना है। पेंटिंग का शौक रखनेवाली कृपा शाह कहती हैं कि अगले साल वो बड़े पैमाने पर फिश प्रâेंडली गणेश मूर्ति तैयार कर लोगों को बांटेंगी ताकि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता हो।