फेफड़े में अटकी पिन, आना पड़ा गोवा टू मुंबई

महिलाएं अक्सर सिलाई और सजने संवारने के दौरान पिन या सुई अपने मुंह में रख लेती हैं। नतीजतन गलती से पिन भीतर चली जाती है फिर फजीहत शुरू। ऐसा ही हुआ गोवा की निवासी रुबीना शेख (बदला हुआ नाम) के साथ स्कार्फ पहनते वक्त मुंह में रखी पिन गलती से उसने निगल ली। गोवा में पिन निकालने में नाकामयाब होने के बाद उसे गोवा टू मुंबई लाया गया जहां, एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने फेफड़े में अटकी पिन को निकाला।
बता दें कि २१ नवंबर को गोवा में १८ वर्षीय रुबीना ने स्कार्फ पहनते समय मुंह में रखी पिन को गलती से निगल लिया। उसे तुरंत गोवा के मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां एक्सरे में पिन उसके फेफड़े के बाए साइड अटकी दिखी। डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी द्वारा पिन को निकालने की कोशिश की लेकिन वे असफल रहे। इसके बाद पीड़िता को अन्य ३ मेडिकल कॉलेज और २ अस्पताल में भी ले जाया गया, पर एंडोस्कोपी के माध्यम से फेफड़ों में फंसे पिन को हटाने में सभी डॉक्टर नाकाम रहे। गोवा के एक डॉक्टर ने लड़की के परिवार को शल्य चिकित्सा का विकल्प दिया लेकिन परिवार ने इससे इंकार दिया। परिवार ने सुश्री शेख को इलाज के लिए मुंबई लाने की ठानी और झेन अस्पताल पहुंचे। झेन मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद काटे ने कहा, ‘रोगी के एक्स-रे रिपोर्ट के मुताबिक उसके फेफड़ों में एक नुकीली पिन दिखाई दे रही थी। इस पिन को जल्द से जल्द निकालना बहुत जरूरी था वरना यह लड़की के दिल और फेफड़ों की महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं को क्षति पहुंच सकती थी। इसके अलावा पिन ६ दिनों से शरीर के अंदर होने की वजह से संक्रमण का भी खतरा था। डॉ. काटे ने कहा ‘यह बहुत ही जटिल स्थिति थी कि ओपन सर्जरी की जाए या अन्य इनवेसिव शस्त्र क्रिया, चूंकि एंडोस्कोपी के माध्यम से इसे हटाते समय पिन के टूटने का खतरा था। ब्रोकोस्कोपी द्वारा किसी भी नुकीली चीज को हटाने में मुश्किल होती है, खासकर जब वह फेफड़ों के अंदरुनी भाग में धंसी हो। इस केस में, पिन को फोरसेप की मदद से और फ्लेक्सिबल बोकोस्कोप द्वारा ३.५ सेमी पिन को निकाला गया। प्रक्रिया के बाद दोबारा छाती का एक्स-रे निकाला गया और जो कि बिल्कुल सही था।