फेरीवालों की फांस, अधिकारियों की खतरे में जान

मनपा की कार्रवाई से हॉकर्स माफिया पूरी तरह बौखला गए हैं। सड़कों के आस-पास की जगह पर कब्जा कर फेरीवालों से लाखों रुपए की आमदनी करनेवालों के मंसूबों पर इस वर्ष मनपा ने पानी फेर दिया है। लाखों की आमदनी से हाथ धो बैठे माफिया ने अब मनपा अधिकारियों को डराना, धमकाना शुरू कर दिया है। मुंब्रा प्रभाग समिति के सहायक आयुक्त महेश आहेर को फेरीवालों पर कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी गई है, जिसकी वजह से मुंब्रा प्रभाग समिति में कार्यरत अधिकारियों तथा कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। इसके पूर्व अधिकारियों के साथ मारपीट और जानलेवा हमला करने के कई मामले दर्ज हो चुके हैं। आहेर की शिकायत पर मुंब्रा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज किया है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लेने का दावा किया है।
रु.५० लाख का होता था कारोबार
मुंब्रा प्रभाग समिति अंतर्गत करीब ६ हजार फेरीवाले व्यवसाय करते हैं। स्थानीय नगरसेवकों के पंटरों द्वारा फेरीवालों से महीने की वसूली की जाती है। फेरीवालों से वसूली को लेकर दो गुटों में कई बार खूनी संघर्ष और हत्या तक हो चुकी है। हॉकर्स यूनियन से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि पूरे मुंब्रा में करीब एक दर्जन हॉकर्स माफिया सक्रिय हैं। इनका काम सिर्फ फेरीवालों से पैसा वसूलना, त्योहारों के दौरान जगह कब्जाना, बोली लगाकर फेरीवालों में उस जगह को आवंटित करना और उन्हें सुरक्षा प्रदान करना होता है। इनकी कमाई प्रतिवर्ष करीब ५० लाख रुपए के आस-पास होती है। मुंब्रा स्टेशन से लेकर कौसा तक रमजान के दौरान सड़कों के इर्द-गिर्द जमनेवाले फेरीवालों को मनपा ने इस वर्ष व्यवसाय करने से रोक दिया है। फेरीवालों की सबसे बडी मंडी गुलाब पार्क परिसर से उन्हें हटाकर मित्तल ग्राउंड में स्थानांतरित कर दिया गया है।
लाखों की कमाई डूब जाने से बौखलाए माफिया ने फोन कर आहेर को जान से मारने की धमकी दी है। मनपा अधिकारियों के साथ मारपीट करने के आरोपी एमआईएम नेता पर दर्ज मामले वापस लेने तथा फेरीवालों के विरुद्ध कार्रवाई न करने की बात धमकी देनेवाले ने कही है। इसके पूर्व इसी तरह के मामले में सोनवणे नामक एक कर्मचारी पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया जा चुका है।