फेसबुकिया फ्रेंड निकला फर्जी, लगाया ७४ लाख का चूना

सोशल मीडिया में अनजाने लोगों से दोस्ती जी का जंजाल बन सकती है। अंजान लोगों से दोस्ती में संबंधों को आगे बढ़ाना खासकर पैसों का लेन-देन नुकसानदेह साबित हो सकता है। ऐसे ही एक मामले में एक नाइजेरियन ठग न अपनी पत्नी व न्हावाशेवा के एक ऑटोरिक्शा चालक की मदद से माहिम निवासी ५७ वर्षीय महिला को ७४ लाख रुपए का चूना लगा दिया।
बता दें कि वर्ष २०१७ के दिसंबर महीने में माहिम निवासी वंदना (काल्पनिक नाम) की फेसबुक मैसेंजर के जरिए डोनाल्ड टॉड नामक शख्स से पहचान हुई थी। खुद को अमेरिकी नागरिक बतानेवाले टॉड ने अपना परिचय मरीन इंजीनीयर के रूप में दिया था। टॉड २८ मई, २०१८ तक लगातार फेसबुक, व्हाट्स ऐप, इमेल तथा मोबाइल मैसेजों के जरिए वंदना के संपर्क में रहा तथा इस दौरान उसने वंदना का विश्वास जीत लिया। मई २०१८ में टॉड ने वंदना को बताया कि उसके जहाज से सोना, चांदी और नगदी से भरा पार्सल हिन्दुस्थानी कस्टम विभाग ने जप्त कर लिया है। टॉड ने वंदना से उक्त पार्सल छुड़ाने के लिए मदद मांगी। बदले में उसने वंदना को कस्टम विभाग में लगनेवाले शुल्क की दो गुनी रकम के अलावा 20 हजार पौंड देने का लालच दिया। टॉड के झांसे में फंसकर वन्दना ने 30 अलग-अलग बैंक खातों में 74 लाख 20, 150 रुपए जमा करा दिए। लेकिन उसके बाद टॉड ने वंदना से संपर्क बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर वन्दना ने माहिम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। माहिम पुलिस सहित बीकेसी स्थित साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि हैदराबाद, मिजोरम दिल्ली सहित कई अन्य राज्यों में ठगी के इरादे से उक्त खाते खोले गए थे। डीसीपी विशाल ठाकुर के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस द्वारा उन खातों का तकनिकी विष्लेषण करने पर पता चला कि नई मुंबई के न्हवाशेवा इलाके में कुछ आटोरिक्शा-टैक्सी चालक नाइजेरियन नागरिकों के संपर्क में होने की जानकारी मिली और ये भी पता चला कि न्हवाशेवा स्थित उलवे निवासी आटोरिक्शा चालक अशोक बोरुडे लंबे अर्से से एक नाइजेरियन नागरिक के संपर्क में हैं। पुलिसिया पूछताछ में बोरुडे ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। बोरुडे की मदद से पुलिस ने नाइजेरियन दम्पति आमरा ओबेसोग्यू और उसकी पत्नी ख्रिस्ताबेल लिबेह को भी दबोच लिया। इस ठगी के मुख्य खिलाड़ी आमरा और लिबेह को इससे पहले पुणे पुलिस ने ऐसे ही एक मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके घर से 13 मोबाइल फोन, राऊटर, मोडेम, लैपटॉप और डाटा कार्ड आदी जप्त किया है। कोर्ट ने आरोपियों को 22 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।