फेसबुक चीफ को धमकियां!, सुरक्षा पर `७० करोड़ का खर्च

सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर चाहे प्राइवेसी के लिए खतरा होने के आरोप हों या डेटा-चोरी के बारे में सामने आई जानकारी, सबकी केंद्र में फेसबुक के चीफ मार्क जकरबर्ग ही आते हैं। फेक न्यूज पैâलाने से लेकर, यूजर्स का डेटा ऐड कंपनियों के बेचने जैसे आरोप सीधे मार्क पर लगाए जाते हैं और उनकी जवाबदेही भी तय की जाती है। ऐसे में जकरबर्ग की सुरक्षा भी कंपनी की सभी प्राथमिकताओं में शामिल है। खबर है कि उन्हें काफी धमकियां भी मिली हैं। यही वजह है कि फेसबुक उनकी सुरक्षा पर एक साल में करीब ७० करोड़ रुपये खर्च करती है।
रिपोर्ट के मुताबिक जकरबर्ग को मिलनेवाली धमकियां फेसबुक की बड़ी चिंता है और इसी के चलते कंपनी अपने सीईओ की सुरक्षा करने वाली एग्जिक्यूटिव-प्रोटेक्शन को सालाना ७० करोड़ से ज्यादा भुगतान करती है। जुकरबर्ग की सुरक्षा के लिए कंपनी ने इस बजट में ७० से ज्यादा लोगों की एक सिक्योरिटी टीम रखी है। साथ ही कहा जा रहा है कि फेसबुक किसी आपात स्थिति में सीईओ की सुरक्षा के लिए और उन्हें एक से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए ‘टनल’ बना रहा है। इस सिक्योरिटी टीम के हेड यूएस सीक्रेट सर्विस एजेंट जिल लीवेन्स जोन्स हैं। उनके अलावा फेसबुक के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर शेरिल सैंडबर्ग को भी इस सिक्योरिटी पॉलिसी में कवर किया गया है। जकरबर्ग और सैंडबर्ग फेसबुक के ऐसे दो नाम हैं जिन्हें २४/७ सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। इन दोनों एक्जिक्यूटिव को रोजाना सैकड़ों धमकियां मिलती हैं, जिनके चलते सुरक्षा बढ़ाई गई है।
इस बात की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन कई फेसबुक कर्मचारियों का कहना है कि मार्क को उनके ऑफिस से ही पैनिक टनल और बुलेटप्रूफ कॉन्प्रâेंस रूम का एक्सेस मिला हुआ है। हालांकि अभी यह कंफर्म नहीं है और फेसबुक की ओर से भी इससे जुड़ी कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया गया है। कहा जाता है कि यह टनल मार्क को सीधे फेसबुक हेडक्वॉर्टर की पार्किंग तक लेकर जा सकती है।