बकाएदार बिल्डरों पर म्हाडा ने कसा शिकंजा, शिवसेना ने छेड़ा अभियान

म्हाडा रिपेयर बोर्ड अंतर्गत वर्षों से म्हाडा मकानों को किराए के नाम पर कब्जा जमानेवालों बिल्डरों की अब खैर नहीं। अधिकारियों की सांठगांठ से इन बिल्डरों ने अब तक करोड़ों रुपए का किराया म्हाडा को नहीं भरा है। इन बकाएदार बिल्डरों पर म्हाडा का तकरीबन ७५ करोड़ रुपए बाकी है।
शिवसेना विधायक व रिपेयर बोर्ड के सभापति विनोद घोसालकर ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। हाल ही में अधिकारियों की बैठक में इन बकाएदार बिल्डरों से निपटने का आदेश सभापति ने दिया है। साथ ही टालमटोल करनेवाले बिल्डरों को काली सूची में डालकर कानूनी कार्रवाई का भी आदेश दिया है।
गौरतलब है कि म्हाडा रिपेयर बोर्ड पुरानी जर्जर इमारतों के निवासियों को पर्यायी व्यवस्था के रूप में अपने ट्रांजिट कैंप और शेष इमारतों के मकानों में लोगों को बसाने का कार्य करता है। साथ ही बिल्डरों को ट्रांजिट कैंप के मकानों को किराए पर भी देता है। बिल्डर अपने किराएदारों को वर्षों तक इन मकानों में रखते हैं। कई बिल्डरों के प्रोजेक्ट पूरे हो गए हैं लेकिन मकान खाली नहीं करते और न ही मकान का किराया म्हाडा को भरते हैं। कइयों के प्रोजेक्ट रखड़ गए हैं। इस तरह से म्हाडा का १२५ करोड़ रुपए बकाया था, जिसमें पिछले वर्ष में म्हाडा रिपेयर बोर्ड के अधिकारी विशाल देशमुख ने ५० करोड़ रुपए इन बिल्डरों से भरवाया था। अभी तकरीबन ७५ करोड़ रुपए बाकी है।