बगदादी नहीं बगदीदी, योगी का कटाक्ष

प.बंगाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हिंसा और बवाल के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। बंगाल में रैली करने पहुंचे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम ममता बनर्जी की तुलना आइसिस सरगना बगदादी से कर दी है। योगी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा कि बगदादी से प्रभावित होकर ‘बगदीदी’ बनने के आपके (ममता बनर्जी) सपने को भारत मां के सच्चे सपूत वोट की चोट से तोड़कर रहेंगे।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की तानाशाही के खिलाफ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ काफी नाराज हैं। नाराज योगी ने ट्वीट कर कहा, ‘भाजपा से भयभीत ममता बंगाल में सभाओं के मंच तोड़कर, मजदूरों को पीटकर, रैलियां रद्द करवाकर बंगाल को क्या बनाना चाहती हैं? याद रखिए, बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, बगदादी से प्रभावित होकर बगदीदी बनने का आपका सपना भारत मां के सच्चे सपूत वोट की चोट से तोड़कर रहेंगे। जय हिंद। जय भारत।’
इससे पहले एक ट्वीट में योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता लिखते हुए कहा कि दीदी जो भी करें उनकी विदाई तय है। उन्होंने लिखा, ‘बाधाएं आती हैं आएं, घिरें प्रलय की घोर घटाएं, पांवों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं, निज हाथों में हंसते-हंसते, आग लगाकर जलना होगा, कदम मिलाकर चलना होगा। भारतरत्न वाजपेयी जी की यह कविता हमें हृदय से स्मरण है। तानाशाह दीदी जो भी करें, उनकी विदाई तय है।’
इससे पहले हावड़ा में रैली की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद योगी आदित्यनाथ रैली के लिए अड़ गए और बंगाल पहुंच गए। वहां बारासात में रैली के दौरान उन्होंने ममता सरकार पर जमकर हमला बोला। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में जो बवाल हुआ, उसने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की एक्सपायरी डेट लिख दी है।
बारासात की रैली में ही योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी पर दुर्गा पूजा को रोकने के प्रयास का आरोप लगाया। योगी ने कहा, ‘यूपी में भी दुर्गा पूजा और मुहर्रम एक साथ हुआ। अधिकारियों ने कहा, यह वैâसे होगा? मैंने कहा कि पूजा का समय नहीं बदलेगा। मुहर्रम के जुलूस का समय बदल दो। एक भी वारदात नहीं हुई न तब और न पिछले दो साल में।’ योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘प्रशासन ने मुझे वहां भी पाठ पढ़ाने का प्रयास किया। मैंने कहा, पूजा समय पर ही होगी, वह भी भव्य तरीके से होगी। आवश्यकता प़ड़े तो हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी होगी। मैंने यह भी कहा कि मुहर्रम के जुलूस पर उद्दंडता करोगे तो ये आखिरी जुलूस होगा। यूपी में मुहर्रम और दुर्गा पूजा एक साथ हो सकती है तो कोलकाता और बारासात में क्यों नहीं?’