" /> बच्चों से रहो सावधान : बढ़ रहे हैं बच्चों के यौन शोषण संबंधित अपराध

बच्चों से रहो सावधान : बढ़ रहे हैं बच्चों के यौन शोषण संबंधित अपराध

साइबर सेल ने अभिभावकों को चेताया
राज्य सायबर सेल ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से 7 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के माता-पिता से अनुरोध किया गया है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें। यदि वे किसी के साथ ऑनलाइन चैट कर रहे हैं तो पता करें कि सामने कौन व्यक्ति है। बच्चे आपके फोन या लैपटॉप या कंप्यूटर के माध्यम से किन वेबसाइटों पर क्लिक कर रहे हैं। बच्चे कौन से वेब ब्राउजिंग पर जा रहे हैं। ध्यान दिया जाना चाहिए कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी के अपराध बढ़ रहे हैं। सुनिश्चित करें कि कोई आपके बच्चे को ऑनलाइन धमकी तो नहीं दे रहा है। इसके अलावा अपने बच्चे को अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड और उनके पिन नंबर न दें। ऑनलाइन खरीदारी से सावधान रहें क्योंकि जालसाजों का गिरोह सक्रिय है। यदि किसी धोखाधड़ी का शिकार होते हैं तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं या सायबर सेल की वेबसाइट पर जाकर मामला दर्ज कराएं।
महाराष्ट्र पुलिस के साइबर विभाग ने लॉक डाउन के दौरान सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और अफवाह फैलानेवालों के खिलाफ 258 आपराधिक मामले दर्ज किए हैं और 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कल ठाणे और गोंदिया जिले में नए मामले दर्ज किए गए। कोरोना महामारी के कारण घोषित किए गए लॉक डाउन में कुछ आसामाजिक तत्व अफवाह फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। महाराष्ट्र साइबर विभाग ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। राज्य में 258 मामले दर्ज किए गए हैं। राज्य के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज मामलों में से आठ अपराध गैर-जमानती हैं। सायबर सेल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बीड में 27, पुणे ग्रामीण20, मुंबई 17, कोल्हापुर 16, जलगांव 14, सांगली 11, नासिक ग्रामीण 10, नासिक शहर 10, जालना 9, सातारा 8, नांदेड़ 8, परभणी 7, लातूर 7, ठाणे शहर 6, सिंधुदुर्ग 6, बुलढाणा 6, ठाणे ग्रामीण 6, गोंदिया 5, हिंगोली 5, नागपुर शहर 5, नई मुंबई 5, सोलापुर ग्रामीण 5, अमरावती 4, पुणे शहर 4, सोलापुर शहर 3, रायगढ़ 2, धुले 2, वाशिम और औरंगाबाद में एक मामले दर्ज किए गए हैं। साइबर सेल ने इन सभी अपराधों का विश्लेषण करने के बाद आपत्तिजनक व्हॉट्सएप संदेशों को शेयर करने के 114 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 90 मामले आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट साझा करने के लिए दर्ज किए गए हैं। टिकटॉक वीडियो शेयर मामले में छह अपराध दर्ज किए गए हैं और ट्विटर पर तीन अपराध दर्ज किए गए हैं। अन्य सोशल मीडिया (ऑडियो क्लिप, यूट्यूब) के दुरुपयोग के 43 मामले सामने आए हैं। अब तक 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 31 आपत्तिजनक पोस्टों को हटा दिया गया है।