बढ़ाई जाएगी मनोचिकित्सकों की संख्या, राज्य में हैं १० लाख मनोरोगी

राज्य में मनोचिकित्सकों की जगह रिक्त है, यह बात सही है। राज्य में ६८ मनोचिकित्सक सेवा दे रहे हैं। राज्य में दस लाख मनोरोगियों के पीछे केवल तीन मनोचिकित्सक हैं। राज्य में मनोचिकित्सकों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ऐसी जानकारी कल विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने आधा घंटा चर्चा के दौरान उठाए गए सवाल के जवाब में दी। विधायक हेमंत टकले व अन्य सदस्यों द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में शिंदे ने कहा कि राज्य के मानसिक रोगियों की सभी दवाएं जिला के सभी मनोरोगी अस्पतालों में उपलब्ध हैं। प्रत्येक जिला अस्पतालों में समुपदेशन केंद्र बनाया गया है। इसके अलावा अन्य उपक्रम मनोरोगियों के लिए चलाए जाते हैं, ऐसा शिंदे ने सदन में बताया।
दूसरे दिन भी हंगामें की बलि चढ़ा विप
धनगर समाज को आरक्षण के संबंध में विधान परिषद में कांग्रेस विधायक भाई जगताप ने कहा कि धनगर और आदिवासी समाज के लोग किसी के बाप की जागीर नहीं है, भाई जगताप के इस वक्तव्य को लेकर सत्ता पक्ष के विधायकों ने कल दूसरे दिन भी सभापति के आसन पास पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया। जिसके कारण सदन का कामकाज क्रमश तीन बार स्थगित हुआ, उसके बाद पूरे दिन के सभापति ने सदन को स्थगित कर दिया।