बदलते मौसम से गरमाया आम, आवक घटी,  रु. ४०० हुआ महंगा

बदलते मौसम की मार से आम लोग जहां प्रभावित हैं, वहीं कोकण के हापूस आम पर भी इसका जोरदार असर पड़ा है। मौसम के उतार-चढ़ाव से इस बार आम का उत्पादन ३२ प्रतिशत ही होने के संकेत मिले हैं, जिससे आम गरमा गया है यानी इसके दामों में भारी उछाल आया है। प्रति दर्जन के पीछे करीब चार सौ रुपए की वृद्धि हुई है।

बता दें कि इस वर्ष मौसम में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। बारिश और ठंडी के मौसम में काफी बदलाव देखा गया। दो माह में जोरदार हुई बारिश और फरवरी माह से धीरे-धीरे लुप्त होनेवाली ठंडी का असर मार्च के आखिर तक दिखा। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नवंबर-दिसंबर माह से आम के फसल की शुरुआत अच्छी हुई लेकिन बदलते मौसम का असर आम के उत्पादन पर जोरदार हुआ। मार्च के अंतिम सप्ताह में तापमान का पारा ३८ डिग्री तक पहुंचने से आम के उत्पादन पर दोहरी मार पड़ गई। महाराष्ट्र राज्य आम उत्पादक संघ के अध्यक्ष चंद्रकांत मोकल ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर कोकण के हापूस आम पर पड़ा है। इस बार आम का उत्पादन कम होने से बाजारों में इसकी आवक कम हो गई है। एपीएमसी बाजार के पूर्व संचालक संजय पानसरे ने बताया कि पिछले वर्ष इसी समय तक कोकण से ४० से ४५ हजार हापूस आम की पेटियां बाजार में आती थीं लेकिन इस बार यह आवक ५० फीसदी घट गई है। अभी तक बाजारों में महज २० से २२ हजार हापूस आम की पेटी पहुंच पाई हैं। आवक कम होने से दाम में भारी उछाल आया है। थोक बाजारों में जहां कोकण का हापूस आम प्रति दर्जन एक हजार रुपए में बिक रहा है, वहीं खुदरा बाजार में इसकी कीमत १,२०० से १,४०० रुपए है।