बमों के ढेर पर मुंबई

मुंबई बमों के ढेर पर बैठी हुई है। यह खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि वैâग (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) ने किया है। वैâग की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार देश के कई सीएफएस (कस्टम एंड कंटेनर प्रâेट स्टेशनों) में युद्ध का खतरनाक कबाड़ मिला है। इसमें मुंबई में ९२ कंटेनर्स में ये खतरनाक कबाड़ भरे हुए हैं। इस कबाड़ में जिंदा बम, युद्ध का बचा हुआ सामान और खतरनाक केमिकल वेस्ट शामिल हैं।
कई जिंदा बमों को ईरान के बांदर अब्बास पोर्ट और दूसरी जगहों से ‘कबाड़ के टुकड़ों’ के तौर पर भेजा गया है। ऐसा माना जा रहा है कि यह खतरनाक युद्ध कबाड़ इराक, सीरिया और अफगानिस्तान में अमेरिका के हमले के बाद बचे हुए सामान का हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक कस्टम विभाग द्वारा सीज किए गए कुछ कंटेनरों को नष्ट किए जाने का इंतजार किया जा रहा है, जबकि कुछ को पहले ही पीतल और दूसरी धातुओं को निकालने के लिए गाजियाबाद और मुरादाबाद के ढलाई कारखानों में पहुंचा दिया गया है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार ३१ मार्च, २०१७ तक की जांच में पता चला है कि ४६९ कंटेनरों में एक से १७ साल पुराना तक खतरनाक कबाड़ मौजूद है, जिसे अभी नष्ट नहीं किया गया है।’ रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से अधिकतर कंटेनरों को आयातकों ने छोड़ दिया है। मुंबई कस्टम जोन २ में ये ९२ कंटेनर पड़े हुए हैं। सीएजी ने देश में खतरनाक कबाड़ के साथ आनेवाले कंटेनरों को वापस निर्यात करने का नियम न होने पर चिंता जाहिर की है, जिसकी वजह से ये खतरनाक कबाड़ अभी तक डिस्पोज नहीं हुए हैं। देश में ८० ऐक्टिव आईसीडी हैं जो हर साल ४.२७ लाख करोड़ रुपए की कीमत का सामान निर्यात करते हैं। कई ऐसे कार्गो हैं जिनका दावा नहीं किया गया है और फॉरेन ट्रेड के लिए यह खतरनाक है। छोटी सी आग लगने से बड़े धमाके होने की आशंका रहती है। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से ३,३९७ कंटेनर पिछले ३ साल से ज्यादा समय से डिस्पोजल के इंतजार में हैं।