" /> बर्बाद पाकिस्तानी बोर्ड

बर्बाद पाकिस्तानी बोर्ड

पाकिस्तान क्यों हिंदुस्थान के साथ क्रिकेट खेलने के लिए दांव-पेंच चलता है, इसका एक बड़ा उदाहरण सामने आया है कि वो बर्बाद हो चुका है। उसे यदि कोई बचा सकता है तो वो है हिंदुस्थानी क्रिकेट। मगर पाकिस्तान जैसे नमकहराम और आतंकी देश के लिए कोई लचीलापन नहीं अपनाना। इसलिए दिन-ब-दिन उसकी हालत खराब होती जा रही है। हालात ये हो गए कि उसे स्पॉन्सर ही नहीं मिल रहे। मिला तो कीमत इतनी कम कि उसकी दशा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इग्लैंंड दौरे पर खेली जानेवाली सीरीज से पहले राष्ट्रीय टीम के लिए स्पॉन्सर ढूंढने में कामयाब रहा लेकिन यह करार उसने उम्मीद से काफी कम कीमत पर किया। जो खबर छन कर आ रही उसमें पीसीबी ने ट्रांसमीडिया के साथ एक साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का फैसला किया है। ये कंपनी पिछले कुछ सालों से पीसीबी में कई प्रायोजन और मीडिया अधिकार खरीद रही है। ट्रांसमीडिया पहले से ही सहयोगी प्रायोजक के तौर पर पीसीबी को सालाना १५ करोड़ (पाकिस्तानी) रुपये का भुगतान कर रहा है। खबर में है कि, ‘ट्रांसमीडिया ने पाकिस्तान टीम की जर्सी और किट पर मुख्य लोगो के लिए ३ साल के सौदे के लिए ६० करोड़ रुपये की पेशकश की है। कई कोशिश के बाद पर निराशा का सामना करने के बाद बोर्ड ने अब २० करोड़ रुपये में एक साल के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का फैसला किया है।’ पीसीबी अगले साल फिर से लोगो अधिकार की नीलामी कर सकता है। इससे पहले पेप्सी का ३ साल का करार ५५ लाख डॉलर (लगभग ९१ करोड़ पाकिस्तानी रुपये) का था, जो पिछले महीने खत्म हो गया। कंपनी नए करार के लिए पिछली रकम का ३० प्रतिशत ही देना चाहती थी लेकिन करार को आगे बढ़ाने का फैसला नहीं किया।