बलात्कार के सबूत जुटाने का प्रशिक्षण दे रही सरकार, विशेष किट करेगी मदद

यौन शोषण के बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने बलात्कार के मामलों की तत्काल जांच के लिए एक विशेष किट व इसे इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग देश के डॉक्टरों के लिए शुरू की है। महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों समेत केंद्र शासित राज्यों के डॉक्टरों का इसमें समावेश है। इस विशेष किट की मदद से बलात्कार के मामलों में सबूत जुटाने में तेजी आएगी, साथ ही छोटे से छोटे सबूत इकट्ठा करने में भी काफी मदद मिलेगी।
बता दें कि मंत्रालय द्वारा खून और वीर्य के नमूने एकत्रित करने व अन्य सबूत जुटाने के लिए ऐसे ३,१०० से अधिक विशेष किट देशभर के डॉक्टरों को दिए गए हैं। इसे यौन शोषण सबूत संकलन किट (एसएईसीके) या ‘बलात्कार जांच किट्स’ के नाम से जाना जाता है। कालीना स्थित फॉरेंसिक लैब के निदेशक डॉ. कुलकर्णी ने बताया कि इस किट में टेस्टयूब, स्वेब व अन्य जांच टूल्स (उपकरण) मौजूद हैं, जिससे सबूत इकट्ठा करने में काफी मदद मिलेगी। अक्सर अनुभव की कमी के चलते सबूत नष्ट जो जाता है लेकिन इस विशेष किट और ट्रेनिंग की मदद से पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने में मदद मिलेगी। राज्य स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में सबसे पहले इस किट के जरिए सैंपल कलेक्शन करना शुरू किया गया था। गृह मंत्रालय द्वारा अब इसे सभी राज्यों को दिया जा रहा है। कुछ दिनों पहले किट की ट्रेनिंग के लिए डॉक्टरों को दिल्ली बुलाया गया था। राज्यस्तर पर भी संबंधित लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। हर सिविल अस्पताल से २-३ लोगों को सैंपल कलेक्शन के लिए ट्रेंड किया गया है।