बल्ला बोलता है

विराट कोहली का बल्ला बोलता है तो सामनेवाली टीम की घिग्घी बंध जाती है। वे एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं, जिससे न केवल दुनिया डरती है बल्कि अपनी टीम का भरोसा कायम रखते हैं। रिकॉर्ड शतक बनाकर विराट ने ये साबित कर दिखाया कि वो किसी भी देश की जमीन पर बल्लेबाजी करें, रनों का अंबार अपने खाते में जमा करते ही हैं। अब देखिए न, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन वह मुकाम हासिल कर लिया, जो १४१ साल के क्रिकेट इतिहास में कोई भी नहीं कर सका है। उन्होंने पैट कमिंस के २०वें ओवर में जैसे ही एक रन लिया, वैसे ही उनके २०१८ में इंटरनेशनल क्रिकेट में २६०० रन पूरे हो गए। कप्तान विराट कोहली ने २०१७ में २,८१८ रन बनाए थे। इस तरह वे दुनिया के ऐसे पहले क्रिकेटर बन गए हैं, जिसने लगातार दो साल (कैलेंडर ईयर) इंटरनेशनल क्रिकेट में २,६०० से अधिक रन बनाए हैं। विराट कोहली ने २०१८ में १४ वनडे, १० टी-२० मैच खेले हैं। उन्होंने १४ वनडे में १३३.५५ की औसत से १२०२ रन बनाए हैं, जिसमें छह शतक शामिल हैं। इसी तरह उन्होंने १० टी-२० मैचों में ३०.१४ की औसत से २११ रन बनाए हैं। वे अभी साल का १२वां टेस्ट खेल रहे हैं। वे इस मैच से पहले ११ मैचों में १,१०० रन बना चुके थे। इस तरह उन्होंने जैसे ही इस मैच में ८७वां रन लिया, वैसे ही उनके इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल रन २,६०० हो गए। विश्व क्रिकेट में सिर्फ दो खिलाड़ी ही ऐसे हैं, जिन्होंने दो वैâलेंडर ईयर में २,६०० से ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाए हैं, इनमें श्रीलंका के कुमार संगकारा और ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग शामिल हैं। संगकारा ने २००६ और २०१४ में ऐसा किया था। जबकि रिकी पोंटिंग ने २००३ और २००५ में ऐसा किया यानी ये दोनों बल्लेबाज भी लगातार दो साल में २,६०० रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके थे, वहीं कोहली ने लगातार दो साल २,६०० रन बनाकर यह साबित कर दिया है कि जब बात निरंतरता के साथ दबदबा बनाने की हो तो उनसे आगे कोई नहीं है। विराट कोहली दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने लगातार तीन साल २,५०० रन से अधिक बनाए हैं। वे इस साल ३६ मैचों में २,६०० से अधिक रन बना चुके हैं। विराट ने २०१७ में ४६ मैचों में २,८१८ रन बनाए थे। जबकि २०१६ में वे ३७ मैचों में २,५९५ रन बना चुके हैं।