बस समस्या खत्म! एमएमआर में दौड़ेगी वर्ल्ड क्लास बसें

पहले तो सिर्फ मुंबई लेकिन अब पूरे महानगर क्षेत्र में बस लोगों की दूसरी लाइफलाइन बन चुकी है। लोकल के बाद यातायात के लिए लोग बसों का इस्तेमाल अधिक कर रहे हैं। अकसर यात्रियों की शिकायत रहती है कि बसें समय पर नहीं आतीं, इसका कारण बसों की संख्या में कमी है लेकिन अब इस समस्या पर जल्द ही पूर्णविराम लगनेवाला है। बदलते युग और यात्रियों की मांग के साथ-साथ यात्रा के लिए महत्वपूर्ण मानी जानेवाली दूसरी लाइफलाइन का भी कायाकल्प होने जा रहा है। एक समय डीजल पर चलनेवाली बसें अब सीएनजी और बिजली पर दौड़ने लगी हैं। बसें पर्यावरण अनुकूल ही नहीं बल्कि कस्टमर प्रâेंडली भी होती जा रही हैं। विदेश की तर्ज पर बसों में मिलनेवाली सुविधाएं अब महानगरों की बसों के यात्रियों को मिल रही हैं। एमएमआर क्षेत्र में आनेवाले मुंबई, मीरा-भाइंदर, नई मुंबई, कल्याण-डोंबिवली में आगामी दिनों में वर्ल्ड क्लास बसें दौड़नेवाली हैं। मुंबई और ठाणे में तो इसका आगाज हो चुका है।
‘बेस्ट’ इज बेस्ट
वर्तमान स्थिति- मुंबई में फिलहाल कुल ३,३७७ बसें हैं। बेस्ट के प्रवक्ता हनुमंत गोफाने ने बताया कि फिलहाल बेस्ट के बेड़े में ३१ इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिनमें से २५ हाइब्रीड बसें हैं। रोजाना २५ लाख यात्री बेस्ट की बसों में सफर करते हैं। बेस्ट मुंबई से मीरा-भाइंदर तक के यात्रियों को सेवा प्रदान कर रही है।
निकट भविष्य-  बेस्ट को सशक्त करने और यात्रियों को ए वन सुविधा देने के लिए बेस्ट जल्द ही ४५० सीएनजी और ८० इलेक्ट्रिक बस लीज पर लेनेवाली है। इतना ही नहीं, बेस्ट बसों की संख्या को ७ हजार के पार ले जाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही है। बेस्ट के बेड़े से बाहर हो चुकी एसी बस जल्द ही फिर से शामिल होनेवाली है। छोटे व स्टेशन रूट पर मिनी बसों की चलाने की भी योजना बनाई जा रही है। बेस्ट के किराए में कटौती पर चर्चा जारी है।
टीएमटी भी बदल रही है
वर्तमान स्थिति- मुंबई की तर्ज पर ठाणे मनपा की बसें भी वर्ल्ड क्लास हो चुकी हैं। टीएमटी की कुल ४६७ बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिनमें से ४० वातानुकूलित बसें हैं और एक इलेक्ट्रिक-१ हैं। रोजाना इन बसों में १ लाख ८० हजार यात्री सफर करते हैं।
निकट भविष्य- ठाणे मनपा पर्यावरण अनुकूल और यात्री प्रâेंडली बसें अपने बेड़े में शामिल करने की योजना को अमलीजामा पहना रही है। जुलाई में टीएमटी को ५० तेजस्विनी (लेडीज स्पेशल) बस मिलनेवाली है और टीएमटी खुद १० इलेक्ट्रिक बसें खरीद रही है।
एनएमएमटी की परिस्थिति
वर्तमान – नई मुंबई मनपा की एनएमएमटी के बेड़े में ४९० बसें हैं, जिनमें से ८२ बसें वातानुकूलित हैं। वर्तमान में एनएमएमटी की बसों में २ लाख २० हजार यात्री रोजाना सफर करते हैं।
निकट भविष्य – एनएमएमटी खुद को सशक्त करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से ३० इलेक्ट्रिक बसें खरीद चुकी है। ये बसें जल्द ही सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। इससे र्इंधन की बचत तो होगी ही, साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा। साथ ही ये बसें यात्रियों को आरामदायक सफर देंगी।
मीरा-भाइंदर का हाल
वर्तमान- मीरा-भाइंदर मनपा (एमबीएमटी) बसों में रोजाना २५ से २७ हजार यात्री सफर करते हैं। कुल ५७ बसों में से सड़कों पर केवल २८ से ३० बसें चल रही हैं, जिनमें से ४ से ५ बसें वातानुकूलित हैं।
निकट भविष्य- बसों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को तकलीफ तो है लेकिन जल्द ही एमबीएमटी के बेड़े में २८ बसें और जुड़ेंगी। बस की क्षमता बढ़ने के बाद यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
केडीएमटी किसी से कम नहीं
वर्तमान- कल्याण-डोंबिवली मनपा ट्रांसपोर्ट भी किसी से कम नहीं है। केडीएमटी के पास वर्तमान में कुल १५० बसें हैं, जिनमें से ९० सड़कों पर दौड़ रही हैं। केडीएमटी भी अपने यात्रियों के सुगम सफर के लिए १० एसी बसें चला रही है।
निकट भविष्य- जल्द ही केडीएमटी बसों में सफर करनेवाली महिला यात्रियों को विशेष बस तेजस्विनी मिलनेवाली है। केडीएमटी फिलहाल अपनी सारी बसों को रोड पर उतारने पर जोर दे रही है।