" /> बाइस्कोप… कैसे बीती आखिरी रात?

बाइस्कोप… कैसे बीती आखिरी रात?

प्रकृति ने दिन और रात इसलिए बनाया ताकि इंसान दिन में काम करे और रात में आराम। उसके बाद सुबह तरोताजा होकर फिर से अपने रोजमर्रा के कार्यों में जुट जाए लेकिन फिल्म इंडस्ट्री या बड़े लोगों की रातें भी अजीब होती हैं। लोग दिन में काम करते हैं और रात को पार्टी। फिल्मी लोगों की पार्टियां देर रात तक चलती हैं। ऐसी ही एक पार्टी शक्ति सामंत के घर ३ जनवरी, १९९४ को आयोजित की गई थी। उस रात फिल्म इंडस्ट्री के बड़े-बड़े सितारों के साथ संगीतकार आर.डी. बर्मन भी उस पार्टी में शामिल हुए थे। लोगों ने उस रात पार्टी में जमकर शराब और कबाब का आनंद उठाया। देर रात पार्टी मनाने के बाद लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौटने लगे। आर.डी. बर्मन भी अपने निजी सहायक भरत भाई के साथ गाड़ी में बैठकर अपने सांताक्रुज स्थित घर की ओर रवाना हो गए।

फिल्म ‘शोले’ में ‘महबूबा महबूबा…’ गीत गानेवाले आर.डी. बर्मन संगीतकार के साथ ही उम्दा गायक भी थे। २७ जनवरी, १९३९ को कोलकाता में पैदा हुए राहुल देव बर्मन जब छोटे थे तो बचपन में बहुत रोते थे। एक दिन जब अशोक कुमार आर.डी. बर्मन के पिता एस.डी. बर्मन से मिलने उनके घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बालक राहुल बहुत जोर-जोर से रो रहा था। चुप कराने के बावजूद वो चुप नहीं हो रहा था। उसका रोना सुनकर दादा मुनि अशोक कुमार ने एस.डी. बर्मन से कहा ‘दादा, ये तो पंचम सुर में हो रहा है।’ तबसे राहुल देव बर्मन यानी आर.डी. बर्मन ‘पंचम’ के नाम से मशहूर हो गए। पंचम ने उस्ताद अकबर अली खां साहब से सरोद सीखा। वे हारमोनियम भी बहुत बढ़िया बजाते थे। अपने करियर की शुरुआत में पंचम ने अपने पिता सचिन देव बर्मन के सहायक के रूप में काम किया। गुरु दत्त की फिल्म ‘राज’ से अपना स्वतंत्र करियर शुरू करनेवाले पंचम दा की जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए। १९६० से १९९० तक उन्होंने फिल्मी दुनिया पर राज किया और ३३१ फिल्मों के गाने कंपोज किए।

खैर, ३ जनवरी, १९९४ को शक्ति सामंत के घर पार्टी एन्जॉय कर जब वे घर पहुंचे तो उन्होंने अपने घर में टीवी पर अपना खुद का कंपोज किया हुआ गाना देखा। टीवी देखते-देखते अचानक उनके सीने में तेज दर्द होने लगा। उनके नौकर सुदाम ने उनके सेक्रेटरी भरत भाई को आवाज दी। भरत भाई दौड़कर आर.डी. के कमरे में आए और उन्होंने देखा कि उनकी जीभ बाहर निकली हुई है। भरत भाई ने किसी तरह उनको दवाई खिलाने की कोशिश की। ड्राइवर ने आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाया और उसमें डालकर उन्हें अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अपने संगीत से लोगों के दिलों पर राज करनेवाले आर.डी. बर्मन भले ही हमारी नजरों से दूर हो गए हों लेकिन अपने संगीत के जरिए वे आज भी हमारे बीच मौजूद हैं।