बाइस्कोप- शर्ट से हुई दोस्ती

क्या कोई शर्ट किसी से दोस्ती करवा सकती है? यह बात सुनने में अजीब जरूर लगती है लेकिन यह सच है कि एक शर्ट ने किसी से ऐसी दोस्ती करवाई, जिससे उसका करियर ही बदल गया।
यह बात उन दिनों की है जब अपना देश आजाद नहीं हुआ था। वह अखंड भारत था। उसी अखंड भारत में पंजाब प्रांत के गुरुदासपुर जिले के शाखरगढ़ में आनंद परिसर में एक बच्चे का जन्म हुआ। बच्चे का नाम धर्मदेव किशोरी मल आनंद था। वह बच्चा जब पढ़-लिखकर बड़ा हुआ तो उसे फिल्मों का शौक लग गया। यह शोक उसे मुंबई खींच लाया। मुंबई आकर उसे मिलिट्री में नौकरी मिली लेकिन वह वहां भी ज्यादा दिन टिक न सका। फिल्मी के शौक ने उससे वह नौकरी भी छीन ली। मन में हीरो बनने की चाहत रखनेवाले इस युवक का सपना उस समय पूरा हो गया जब फिल्म निर्माता पी.एल. संतोषी ने उस युवक को अपनी फिल्म में हीरो बनने का
ऑफर किया। यह बात १९४६ की है। उस समय पीएल संतोषी ‘हम एक हैं’ फिल्म का निर्माण कर रहे थे। फिल्म की शूटिंग पूणे में हो रही थी। शूटिंग के दौरान फिल्म के हीरो देवानंद की पहचान एक लड़की से हो गई। दोनों में दोस्ती हुई। एक दिन उस लड़की ने कहा कि मेरा कल बर्थ डे है। आपको आना है। पहली बार किसी लड़की ने अपने बर्ड डे पर बुलाया है। जाना भी जरूरी है लेकिन कपड़े तो अच्छे हैं ही नहीं। उनके पास एक अच्छी शर्ट थी लेकिन वह मिल नहीं रही थी। बहुत ढूंढ़ा पर वह नहीं मिली लेकिन उसकी जगह एक और शर्ट मिली, जो उनकी नहीं थी। उसे नापकर देखा तो वह उन पर फिट बैठ गई। उसे पहनकर जब वे गेस्ट हाउस (जहां ठहरे थे) से बाहर जाने लगे तो उन्हें उन्हीं की हमउम्र का एक लड़का मिल गया। उसने कहा कि आप ही ‘हम एक हैं’ फिल्म के कलाकार हो। देवानंद ने कहा-हां। उस नौजवान ने अपना नाम गुरुदत्त बताया। कहा कि मैं विश्राम बेडेकर (वैâमरामैन) का सहायक हूं। वह देवानंद को कम उसकी शर्ट को ज्यादा देख रहा था। गुरुदत्त ने पूछा कि यह शर्ट आपने कहा से खरीदी। देवानंद ने कहा- मुझे पता नहीं। यह पसंद आ गई और मैंने पहन ली। अब देवानंद गुरुदत्त की शर्ट को देख रहे थे। उन्होंने कहा कि यह कहां से खरीदी? उसने भी जवाब नहीं दिया। फिर दोनों एक-दूसरे से कहने लगे ये तो मेरी है। तुमने मेरी पहन ली और मैंने आपकी। उसके बाद उन दोनों में दोस्ती हो गई। जब देवानंद स्टार बन गए तो उस दोस्त गुरुदत्त को डायरेक्टर बना दिया। दोनों ने एक साथ मिलकर कई फिल्मों के लिए काम किया।