बाजवा पर बरसे अंकल सैम!, अभिनंदन के वतन वापसी की इनसाइड स्टोरी

– विंग कमांडर अभिनंदन तीसरे दिन हुए थे रिहा
– अमेरिकी जनरल वोटेल ने पाकिस्तान पर दिया था दबाव
– जनरल वोटेल अमेरिकी सेना के सेंटकॉम कमांडर
– विदेशी ऑपरेशन देखता है सेंटकॉम कमांडर
– ब्रिटेन ने भी पाकिस्तान पर बढ़ाया था दबाव
– राष्ट्रपति ट्रंप ने भी दिए थे ‘गुड न्यूज’ के संकेत

जब से जेनेवा कन्वेंशन लागू हुआ है यह पहली बार है जब सिर्फ तीन दिनों में कोई सैनिक दुश्मन के चंगुल से छूटकर सकुशल अपने वतन वापस लौट आया। बात विंग कमांडर अभिनंदन की हो रही है। पाकिस्तान ने अचानक जिस तरह पैंतरा बदला और अभिनंदन की आवभगत में जुट गया और बड़े ही शरीफाना अंदाज में वाघा बॉर्डर पर छोड़ गया, वह पाकिस्तान के चरित्र से मेल नहीं खाता। अब जबकि इस वाकये को एक सप्ताह से ज्यादा हो चुके हैं तो बैक डोर डिप्लोमेसी की जो खबरें छनकर बाहर आ रही हैं उससे पता चलता है कि पाकिस्तान की सेना ने यूं ही शराफत से अभिनंदन को नहीं सौंप दिया था। उसके पीछे अंकल सैम की फटकार थी। अंकल सैम यानी अमेरिका। याद है न अमेरिका राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने गुड न्यूज की बात उस दिन सुबह ही बता दी थी।

अभिनंदन को जब पाकिस्तानी सेना ने अपने कब्जे में लिया था तब अचानक से हिंदुस्थान और पाकिस्तान के बीच भयानक उबाल आ गया था। ऐसे में अमेरिकी सेना के सेंटकॉम कमांडर जनरल जोसेफ वोटेल पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर बाजवा पर बुरी तरह बरसे थे। जनरल वोटेल ने बाजवा से कहा था कि अगर माहौल को शांत करना है तो सबसे पहले विंग कमांडर को रिहा करो। इन सबके बीच हिंदुस्थान के एनएसए अजीत डोवल अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टॉन के संपर्क में बराबर बने हुए थे। अमेरिकी जनरल से साफ कह दिया कि अगर मामले को तूल देने से बचाना है तो जितनी जल्द हो सके अभिनंदन को छोड़ दिया जाए। इन सबके बीच हिंदुस्थान ने साफ कह दिया था कि अभिनंदन के मामले में हिंदुस्थान पाकिस्तान की कोई भी शर्त नहीं मानेगा और उसे बिना शर्त छोड़ना पड़ेगा।

विंग कमांडर अभिनंदन को २७ फरवरी को मिग-२१ बाइसन लड़ाकू विमान से कूदने के बाद सीमा पार पकड़ लिए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर अमेरिका ने हाई-लेवल मिलिटरी चैनल्स के जरिए पाकिस्तान सेना पर दबाव बना दिया था कि हिंदुस्थानी पायलट को छोड़ दिया जाए। अमेरिका ने पाकिस्तानी सेना से साफ-साफ कह दिया था कि मामले को तूल देने से बचने का यही एकमात्र रास्ता है। हिंदुस्थानी एनएसए अजीत डोवल भी लगातार सक्रिय थे। इस बीच हिंदुस्थान ने अपने सशस्त्र बलों को सीमा की ओर बढ़ाना शुरू कर दिया था और अमेरिका से कहा था कि वह विंग कमांडर से सम्मानित बर्ताव सुनिश्चित करे। इसके साथ ही ब्रिटेन ने भी पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया था। अमेरिका और पाकिस्तान के दबाव के सामने पाकिस्तान लाचार हो गया था।

अमेरिकी सेना के सेंटकॉम कमांडर जनरल जोसेफ वोटेल ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से बात की थी और कहा था कि विंग कमांडर अभिनंदन को जल्द से जल्द छोड़ दिया जाए। अमेरिका से पाकिस्तानी आर्मी चीफ को बातचीत करनी होती है तो सेंटकॉम कमांडर ही इसका मुख्य जरिया होते हैं। सेंटकॉम कमांडर को ही अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अभियानों को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी गई है।

जानकारी के अनुसार अमेरिकी पक्ष की ओर कम्युनिकेशन का सिरा मुख्य तौर पर जनरल वोटेल और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टॉन के बीच था, जो अपने हिंदुस्थानी समकक्ष अजीत डोवल से लगातार संपर्क में थे। हालांकि बोल्टॉन ने पाकिस्तान आर्मी को साधने का जिम्मा जनरल वोटेल को दे दिया। अमेरिकी संदेश को ब्रिटेन के कदम ने भी मजबूती दी, जिसका पाकिस्तान आर्मी पर गहरा प्रभाव है।

अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल जोसेफ डनफोर्ड सहित अमेरिकी वार्ताकारों ने उनके पाकिस्तानी समकक्ष जनरल जुबैर महमूद हयात से भी बातचीत की थी और यह साफ कर दिया था कि बालाकोट पर हिंदुस्थान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी एक्शन को अमेरिका तनाव बढ़ानेवाला कदम मान रहा है।

जनरल वोटेल के इस संदेश ने संचार के कई दूसरे जरिए भी खोल दिए, जिनमें एक ही बात पर जोर दिया गया कि पाकिस्तान जल्द से जल्द विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़े। हालांकि पाकिस्तान के भीतर इस बात का काफी दबाव पड़ रहा था कि युद्ध जैसी स्थिति में पकड़े गए हिंदुस्थानी पायलट को न छोड़ा जाए। दूसरी ओर अमेरिकी वार्ताकारों ने पाकिस्तानी सेना से कहा था कि विंग कमांडर को ‘सौदेबाजी का जरिया’ बनाने की हरकत अमेरिका को मंजूर नहीं है। लगातार बातचीत में एक मोड़ पर पाकिस्तानी सेना ने अपनी सरकार की राय से सहमति जताई थी। जहां पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के एलान का स्वगात किया गया, वहीं पाकिस्तान में कुछ हलकों से यह बात भी उभरी कि कुछ ‘कानूनी बाधाएं’ हटानी पड़ेंगी। विंग कमांडर को छोड़े जाने के दिन हर स्तर पर पाकिस्तानी अधिकारियों पर दबाव डालना पड़ा था कि इस काम में देर न होने पाए। अमेरिकी और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच कई बार हुई बातचीत के बाद अभिनंदन की रिहाई पक्की हुई।

अमेरिकी सेंटकॉम कमांडर
अमेरिकी सेना अक्सर दुनिया में कहीं न कहीं उलझी ही रहती है। ऐसे में बाहर के ऑपरेशन को देखने के लिए उसने एक अलग विभाग बनाया है, जिसे सेंटकॉम कमांडर देखता है। अमेरिका में बाहरी ऑपरेशन देखने के लिए तीन सेंटकॉम कमांडर हैं। इनमें जनरल जोसेफ वोटेल पाकिस्तान व अफगानिस्तान का मामला देखते हैं। इन्होंने ही दबाव डालकर यह मामला सुलझाया