बाप्पा से मांगो बुद्धि बल

भगवान श्रीगणेश बुद्धि के देवता माने गए हैं। गणेश पूजन से बुद्धि प्रखर होती है, ऐसा शास्त्र मत भी है। इसी को लेकर पुलिस अब गणेशोत्सव मंडलों को नया ज्ञान दे रही है। पुलिस ने गणेशभक्तों से निवेदन किया है कि गणपति पंडालों में रात में जागरण के दौरान ताश के पत्ते न खेलें बल्कि `बुद्धि’बल अर्थात शतरंज खेलें। बुद्धि के देवता का पूजन कर उनके सामने बुद्धि की प्रखरता बढ़े, ऐसे खेल खेले जाने चाहिए। पुलिस का कहना है कि मोबाइल पर चल रहे जानलेवा खेलों के बारे में भी गणेश मंडलों को जागरूकता पैâलानी चाहिए। इससे बच्चों की जान तो बचेगी ही वे भी शतरंज तथा इससे मिलते-जुलते खेल से जीवन की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को समझेंगे। गणेशभक्तों को ऐसी सलाह देने की शुरुआत भायखला और अग्रीपाड़ा पुलिस ने की है। पुलिस का मानना है कि ताश भले ही लोग टाइमपास के लिए खेलते हों लेकिन ताश खेलने से सामाजिक संदेश बहुत गलत जाता है। इससे अच्छा है कि कुछ सकारात्मक खेल खेला जाए। साथ ही हर जाति और मजहब के लोगों को अपने साथ जोड़ने का आह्वान पुलिस ने किया है, इससे सामाजिक समरसता का संदेश भी जाएगा और भाई-चारा बढ़ेगा। पुलिस की इस सलाह का स्वागत गणेशोत्सव मंडलों ने किया है और इस पर अमल करने की भी इच्छा दर्शायी है।

ताश पर तंज-खेलो शतरंज

गणेशोत्सव के लिए महज ही चार ही दिन बचे हैं। यह त्योहार शांतिपूर्वक और उत्साह पूर्वक संपन्न हो इसके लिए मुंबई पुलिस भी विभिन्न उपाय योजना कर रही है। इसी के तहत रातभर पंडालों में मनोरंजन के रूप में खेले जानेवाले ताश के पत्तों पर तंज कसते हुए उसके बदले शतरंज का खेल खेलने की सलाह दी गई है। इसकी शुरुआत मुंबई पुलिस के अग्रीपाड़ा डिविजन के मातहत आनेवाले भायखला और अग्रीपाड़ा पुलिस स्टेशन से की गई है।

बता दें कि गणेशोत्सव में अक्सर गणेश मंडल के पदाधिकारी सुरक्षा के लिहाज से रातभर पंडालों में जागते हैं। रातभर जागते समय मनोरंजन के रूप में ताश के पत्ते आदि खेल खेलते हैं। इस बार अग्रीपाड़ा डिविजन के अधीन आनेवाले गणेश मंडलों को पुलिस ने कुछ सलाह दी है, इसमें सुरक्षा के लिहाज से पंडालों में उपाय योजना करने के साथ-साथ धार्मिक सौहार्द के संदर्भ में भी सलाह दी गई है। भायखला पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस दिनेश कदम ने मंडलों को सलाह दिए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अक्सर पंडालों में मनोरंजन के रूप में खेले जानेवाले ताश के पत्तों से एक अलग ही संदेश लोगों में जाता है इसलिए इस बार मंडलों को वैâरम, शतरंज आदि खेल की प्रतियोगिता आयोजित करने की सलाह दी गई है। इस प्रतियोगिता में क्षेत्र के बच्चों, युवाओं को शामिल करने की अपील भी की गई है। इन खेलों के जरिए युवाओं और बच्चों की बुद्धि बढ़ेगी। इतना ही नहीं क्षेत्र के बुजुर्गों का सत्कार करने के साथ-साथ अन्य समाज के लोगों को इस त्योहार उन्हें जिम्मेदारी सौंपने का भी सुझाव पुलिस ने दिया है। इससे धार्मिक सौहार्द बढ़ने के साथ गणेश मंडल एक आदर्श मंडल के रूप में जाने जाएंगे। इन सुझावों का बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने भी स्वागत किया है। समिति के अध्यक्ष नरेश दहिबावकर ने कहा कि एकता की दिशा में गणेश मंडल कुछ न कुछ कार्यक्रम करते है और करते रहेंगे।