बाय-बाय स्कायवॉक, बांद्रा-सांताक्रुज, विलेपार्ले स्कायवॉक हाेंगे धराशायी

मुंबई के ३ स्कायवॉक को बाय-बाय करने का समय आ गया है। यह स्कायवॉक बांद्रा, सांताक्रुज और विलेपार्ले के हैं। ये तीनों स्कायवॉक मेट्रो-२बी की राह में रोड़ा बन रहे थे। ऐसे में इन स्कायवॉक के हिस्सों को धराशायी करने का निर्णय मनपा ने लिया है। एमएमआरडीए को मनपा ने धराशायी करने की इजाजत दे दी है। केवल समय समय निश्चित करना बाकी है।
बांद्रा एसवी रोड के पास बने स्कायवॉक का २८ मीटर हिस्सा और सांताक्रुज एसवी रोड स्थित स्कायवॉक का २८.५ मीटर हिस्सा स्थाई रूप से तोड़ा जाएगा। स्कायवॉक को तोड़ने का काम मनपा ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से किया जाएगा। बता दें कि स्कायवॉक के टूटने से स्थानीय लोग नाराज भी हैं। दीपक चव्हाण का कहना है कि इन स्कायवॉक का उपयोग आसपास के स्कूलों में पढ़नेवाले बच्चे करते हैं। किशोर जाधव का कहना है कि अगर स्कायवॉक किसी अच्छे काम के लिए तोड़ा जा रहा है तो अच्छी बात है लेकिन प्रशासन को सड़क पार करने के लिए कोई दूसरा विकल्प भी खोजना होगा। वहीं बांद्रा उर्दू हाई स्कूल और जूनियर कॉलेज के ट्रस्टी हाजी जमीर शेख का कहना है कि बांद्रा स्टेशन के आसपास तत्काल सब-वे की आवश्यकता है, यहां का लकी सिग्नल बहुत ही व्यस्त है। श्रद्धालुओं को मस्जिद आनेजाने में परेशानी होती है। बता दें कि ये तीनों स्कायवॉक साल २००७-०८ के दौरान कांग्रेस के शासनकाल में बने थे। सांताक्रुज का
स्कायवॉक ४१ करोड़, बांद्रा स्कायवॉक १९ करोड़ और विलेपार्ले का स्कायवॉक १४ करोड़ रुपए की लागत से बना था।