बारामती के पानी पर रोक, सीएम ने दिया पवार  को बड़ा झटका

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार को बड़ा झटका दिया है। बारामती को गैरकानूनी तरीके से दिए जानेवाले पानी पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से बारामती जिले के इंदापुर तालुका को फटका लगनेवाला है। बता दें कि वीर भाटघर बांध से दाएं ओर की नहर द्वारा ५७ प्रतिशत और बाएं ओर की नहर द्वारा ४३ प्रतिशत पानी वितरण की नीति १९५४ में कानूनी तौर पर तय हुई थी। १९५४ में तय नीति के अनुसार उजव्या कर्नाल से सातारा जिले के फलटण, सोलापुर जिला के मालशिरस, सांगोला व पंढरपुर तालुका को पानी मिलता था। बार्इं ओर की नहर से बारामती इंदापुर तालुका को पानी मिलता था। ४ अप्रैल २००७ को राज्य के मंत्रिमंडल में खुद के राजनीतिक ताकत का उपयोग करके शरद पवार व तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने वर्ष २००९ में पानी वितरण करार में बदलाव करके नीरा देवघर बांध से ६० प्रतिशत पानी और बार्इं ओर की नहर से बारामती व इंदापुर तालुका को ४० प्रतिशत पानी फलटण, मालशिरस, सांगोला व पंढरपुर तालुका को देने का निर्णय लिया था। यह करार ३ अप्रैल २०१७ को समाप्त हो गया था। करार समाप्त होने के बाद भी गैरकानूनी तरीके से पानी बारामती को दिया जाता था। इस मामले को सांसद रणजीत सिंह नाईक ने मुख्यमंत्री के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने बारामती को गैरकानूनी तरीके से दिए जानेवाले पानी पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री का यह निर्णय पवार के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है।