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*बाल पोर्नोग्राफी समाज के लिए कलंक- गृह मंत्री अनिल देशमुख

बाल पोर्नोग्राफी के खिलाफ ऑपरेशन ब्लैकफेस
जनवरी माह के मध्य से ‘ऑपरेशन ब्लैकफेस’ नामक अभियान के अंतर्गत बाल पोर्नोग्राफी में फंसे हुए एवं बच्चों पर लैंगिक अत्याचार करनेवाले, बाल पोर्नोग्राफी के व्यसनाधीन लोगों पर सरकार नजर रख रही है। महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल इस मामले में कार्रवाई भी की जा रही है। बाल पोर्नोग्राफी एक प्रकार से समाज को लगा हुआ एक कलंक है। बहुत ही विकृत मानसिकता और घिनौना कृत्य है,  इसके खिलाफ गृह विभाग की ओर से बहुत ही कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, इसलिए अब आगे समाज में यह विकृत मानसिकता अधिक समय तक नहीं रह पाएगी। इन मामलों पर हमारी पैनी नजर है और  इन अपराध के आरोपियों को जल्द ही आप जेल में देखेंगे। यह बात गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कही।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर हम लगातार बैठकें लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर इस अपराध पर किस तरह से कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, इस पर जानकारी ले रहे हैं, समीक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा ऑपरेशन ब्लैकफेस यह नया अभियान भी चलाया जा रहा है। जनवरी माह के मध्य से ही इस अभियान के अंतर्गत हम बाल पोर्नोग्राफी में फंसे हुए एवं बच्चों पर लैंगिक अत्याचार करनेवाले, बाल पोर्नोग्राफी के व्यसनाधीन लोगों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। ऐसे मामलों पर महाराष्ट्र साइबर विभाग की ओर से कार्रवाई भी की जा रही है। हाल ही में हुए विधिमंडल के सत्र में पूछे गए सवालों के जवाब में मैंने ११ मार्च, 2020 को ऑपरेशन ब्लैकफेस के संदर्भ में जानकारी भी दी है।
१३५ मामले, ४८ लोगों को किया गिरफ्तार
गृह मंत्री ने बताया कि अब तक १३५ मामले दर्ज हुए हैं और ४८ लोगों को भा. दं. वि. की धारा २९२ समेत धारा १४,१५ पोस्को व ६७,६७ अ, ६७ ब आईटी एक्ट के अंतर्गत गिरफ़्तार किया गया है। इन १३५ मामलों में से एक मामला अकोला का है। इसके अलावा (आईपीसी की धारा २९२) बाकी मामले ; ४२ पिंपरी-चिंचवड, संभाजीनगर, परभणी, पुणे, नागपुर (पॉस्को) और ९२ मुंबई, कोल्हापुर, अमरावती, नगर, रायगड़, नासिक ग्रामीण, नासिक शहर, गोंदिया, बीड, भंडारा, परभणी, नंदूरबार, चंद्रपुर, लातूर, ठाणे  ग्रामीण, अमरावती ग्रामीण, सोलापुर ग्रामीण, सोलापुर शहर, हिंगोली, नई मुंबई, धुलिया, पालघर, नासिक ग्रामीण, जालना, वाशिम, सातारा, जलगांव, पुणे ग्रामीण, बुलढाणा, नागपुर ग्रामीण, वर्धा, ठाणे, सांगली, रत्नागिरी, यवतमाल और लातूर (आईटी कानून) के तहत दर्ज हैं।
उचित एवं कड़ा क्रियान्वयन
ऑपरेशन ब्लैकफेस की जो नीति हमने तय की है, उसका कड़ा एवं उचित क्रियान्वयन किया जा रहा है। महाराष्ट्र साइबर अपराध विभाग की ओर से यह नीति व्यवस्थित रूप से चलाई जा रही है। हमारा साइबर विभाग २४ घंटे कार्यरत है और बहुत ही मेहनत एवं कुशलता से उन्होंने इस प्रकार के मामलों पर नजर रखते हुए कार्रवाई की है। उन्होंने महाराष्ट्र साइबर सेल का अभिनंदन किया है क्योंकि लॉकडाउन के इन दिनों में इस तरह के मामलों में तथा बाल पोर्नोग्राफी के संदर्भ के मामलें बढ़े हैं, जिसके खिलाफ यह विभाग कार्यरत है। बता दें कि नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थीं के पुत्र भुवन रिभू के इंडिया चाईल्ड प्रोटेक्शन फंड (आईसीपीएफ) की ओर से किए गए संशोधन में ‘चाइल्ड पॉर्न’, ‘सेक्सी चाइल्ड’ और ‘टीन सेक्स वीडियो’ की ओर रुख है और इस संदर्भ में सर्च की मांग में अधिक वृद्धि हुई है, जो कि ताजे आंकड़ों से पता चलता है। नई दिल्ली समेत मुंबई, कोलकाता, इंदौर और १०० भारतीय शहरों के ट्रेंड मैप करनेवाली ‘बाल लैंगिक अत्याचार सामग्री’ से पता चलता है कि लॉकडाउन के पहले की तुलना में भारत के पोर्नहब की वाहतुक में ९५ फीसदी वृद्धि हुई है, ऐसा देशमुख ने बताया।

लॉकडाउन के दिनों में अधिक सावधानी बरतें
लॉकडाउन के कारण घर में रह रहे बच्चों के लिए यह एक प्रकार से बड़ा खतरा हो सकता है। लॉकडाउन की अवधि में बड़े पैमाने पर बाल बलात्कारी, चाइल्ड पॉर्न व्यसनी ऑनलाइन आ रहे है, वहीं दूसरी ओर इन दिनों में बच्चे घर बैठे-बैठे इंटरनेट का अधिक उपयोग गेम खेलने के लिए, ऑनलाइन क्लास और अपने दोस्तों से बातचीत के लिए कर रहे हैं, जिसका लाभ अपराधी साइबर-ट्रैफिकिंग, ग्रूमिंग (किसी बच्चे से तथा किसी मामले में परिवार से दोस्ती करके, बच्चों का भरोसा जीतकर लैंगिक शोषण) आदि बातों के लिए कर सकते है। इसीलिए राज्य के सभी परिजनों से सतर्क एवं सावधान रहने का आह्वान गृह मंत्री ने किया है।
महाराष्ट्र साइबर विभाग नोडल अधिकारी
नेशनल क्राइम रेकॉर्ड्स ब्युरो ने (एनसीआरबी) प्रत्येक राज्य में नोडल अधिकारी की नियुक्त की है। महाराष्ट्र में महाराष्ट्र साइबर विभाग नोडल अधिकारी है। ‘यूएस-आधारित एनजीओ-नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लोइज्ड चिल्ड्रन’ जो फेसबुक, टि्वटर, इन्स्टाग्राम आदि सोशल मीडिया के प्लॅटफॉर्म पर ध्यान रखकर बाल पोर्नोग्राफी के आईएसपी के पते पर नजर रखते हुए, जांच करते हुए एन.सी.आर.बी. को अलर्ट करते हैं। उसके बाद ब्यूरो आगे की कार्रवाई के लिए नोडल अधिकारियों से संपर्क करते हैं। देशमुख को विश्वास है कि अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्यस्तर पर विस्तारित समन्वय से और केंद्रित कृति से चाइल्ड पॉर्नोग्राफी का खात्मा करने में हम कामयाब होंगे। राज्य में कहीं भी इस तरह की बाल पोर्नोग्राफी तथा बाल लैंगिक अत्याचार की घटना न हो, अगर दुर्भाग्य से घटना हुई हो ऐसे में स्थानीय पुलिस एवं महाराष्ट्र साइबर सेल से तुरंत संपर्क करने का आह्वान देशमुख ने किया है।