" /> बिजलीकर्मी भी हैं कोरोना योद्धा!

बिजलीकर्मी भी हैं कोरोना योद्धा!

पूरा देश इस समय वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहा है। इस विकट परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पूरे देश में लॉक डाउन लागू किया है और महामारी पर विजय पाने के लिए सभी को घरों में रहने की हिदायत दी गई है। सरकार का कहना है कि कोरोना को तभी हराया जा सकता है, जब घर की लक्ष्मण रेखा को न लांघा जाए। इस लड़ाई में अपने जान की परवाह न करनेवाले पुलिस, डॉक्टर्स, सफाईकर्मी जनता की सेवा में निरंतर डटे हुए हैं लेकिन इन सबके बीच कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है, जब कोरोना पर विजय हासिल होगी तो इतिहास में इनका भी नाम दर्ज किया जाएगा। वे हैं जनता को दिन-रात बिजली आपूर्ति को सुचारु करने में जुटे बिजलीकर्मी।

पुलिस व अन्य विभागों की तरह ये लोग भी महामारी फैली होने के बावजूद जनता को 24 घंटे बिजली की सप्लाई देने के लिए घर-परिवार को छोड़कर मोर्चे पर डटे हुए हैं, ताकि जनता को बेहतर ढंग से बिजली मिले और वे भीषण गर्मी में घर में सुकून के साथ रहकर कंप्यूटर, टीवी, मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों द्वारा अपना काम व मनोरंजन कर सकें। तमतमाती धूप में गर्मी से बेहाल होकर जनता को घर से बाहर निकलने की नौबत न आए। रमजान के महीने में भिवंडी व मुंब्रा जैसे क्षेत्र में लॉकडाउन में बिजली की सप्लाई किसी चुनौती से कम नहीं है, ऐसे में बिजली वितरण कंपनियों के साथ काम करनेवाली टोरंट पावर कंपनी के कर्मचारी इस चुनौती को बाकायदा पूरा कर बेहतर बिजली सप्लाई द्वारा लॉकडाउन में लोगों को घर में रहने में मदद कर रहे हैं। टोरंटकर्मी किसी भी समय नेटवर्क में होनेवाले दोषों को दूर करने में कोई गुरेज नहीं कर रहे हैं। घरों के अंदर रहें और सुरक्षित रहें, इसी ध्येय के मद्देनजर बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी होते ही टोरंट पावर व महावितरण के कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना चाहे वह एक कंटेंमेंट क्षेत्र हो या हॉटस्पॉट, वे आपूर्ति को बहाल करने के लिए भागते हैं ताकि हमारे कार्यक्रम में न्यूनतम व्यवधान हो। इस कठिन समय में हमें बिजलीकर्मी व उनकी परिस्थिति पर भी विचार करना चाहिए। वे घर-परिवार को छोड़कर अन्य विभागों की तरह ही कर्तव्य को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग तकनीकी दोष के कारण बिजली व्यवधान होने पर शिकायतों की झड़ी लगा देते हैं। हमें इनके प्रयासों को नहीं भूलना चाहिए। हमें यह समझने की जरूरत है कि किसी भी अन्य मशीनरी की तरह बिजली नेटवर्क को भी रख-रखाव की आवश्यकता होती है और इस रख-रखाव के लिए आपूर्ति को कुछ समय के लिए बंद करना अनिवार्य होता है। तकनीकी खराबी के मामले में भी आपूर्ति बाधित हो जाती है लेकिन ये योद्धा सुनिश्चित करते हैं कि खराबी जल्द से जल्द ठीक हो जाए। जरूरी है कि हम इन मुद्दों पर भी विचार करें और इन लोगों को भी धन्यवाद दें, जिनके बिना इस मुश्किल समय से गुजरना हमारे लिए लगभग असंभव ही है। इन ‘बिजली योद्धाओं’ को मेरा सलाम।