बिजली के खुले तार, कर रहे हैं बेजार

मॉनसून पूर्व बिजली विभाग अपने पुराने संयंत्रों की मरम्मत का काम करता है। बिजली वितरण का ठेका टोरंटो पॉवर को दिए जाने की खबर के कारण मुंब्रा प्रभाग में खुले तारों, कटे-फटे केबलों तथा पुराने पड़ गए डीपी बॉक्स आदि की मरम्मत का काम नहीं किया जा रहा है। परिणाम स्वरूप लगातार हादसे हो रहे हैं। जान-माल का नुकसान हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि मुंब्रा, दिवा तथा कलवा परिसर में बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी हो रही है, जिसके चलते विभाग को करोड़ों का घाटा उठाना पड़ रहा है। विद्युत वितरण विभाग के अधिकारी जब बिजली चोरी रोकने में नाकाम साबित हो गए तब उक्त क्षेत्रों को टोरंट पॉवर नामक कंपनी को देने का निर्णय किया। टोरंटो पॉवर कंपनी उक्त क्षेत्रों की वितरण व्यवस्था अपने हाथ में लेती और पुराने पड़े संयंत्रों को बदलती या मरम्मत करती, उसके पहले ही दुर्घटनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। कौसा परिसर में अब तक दो दर्जन से ज्यादा लकड़ी तथा प्लास्टिक भंगार के गोदाम शॉर्ट-सर्किट से जलकर खाक हो चुके हैं। शुक्रवार की सुबह करीब तीन बजे शादी महल रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पार्किंग के बगल स्थित डीपी बॉक्स में आग लग गई और धमाके होने लगे। इस घटना में एक महंगी कार जहां जलकर राख हो गई, वहीं दूसरे अन्य वाहनों को जलने से बचा लिया गया। इस घटना की वजह से पूरे मुंब्रा परिसर में करीब ६ घंटे तक बिजली नदारद रही। पिछले सप्ताह कौसा के श्रीलंका स्थित देवरी पाढ़ा निवासी गफ्फार खान की नाले में काम करते समय बिजली का झटका लगने से जहां मौत गई थी, वहीं रसीद कंपाउंड स्थित बास्को स्कूल के सामने खेल रही एक ६ वर्षीय बच्ची एक तार की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गई थी।

नागरिकों के जान माल से बेखबर विभाग
पानी में चला गया रु. ४५ करोड़
मुंब्रा-कौसा की पुरानी पड़ चुकी बिजली वितरण व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए ४५ करोड़ रुपए की निधि अघाड़ी सरकार के दौरान आवंटित की गई थी पर वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। इस निधि से मुंब्रा तथा कौसा के किसी भी क्षेत्र की वितरण व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जा सका है। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में यह खुलासा हो चुका है। वितरण व्यवस्था अपडेट न होने के कारण ही बिजली की चोरी करना आसान हो गया है।