बिजली दर में ५० से  १०० प्रतिशत की बढ़ोत्तरी, सीएम ने दिए जांच के आदेश

मुंबई उपनगर में अडानी इलेक्ट्रिक सिटी की ओर से बिजली दर में ५० से १०० प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की भारी पैमाने पर मिल रही शिकायतों और नागरिकों की तीव्र भावना को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल जांच का आदेश ऊर्जा मंत्री को दिया है। अडानी कंपनी ने प्रत्यक्ष रूप से मीटर की जांच किए बिना मनमाना बिजली बिल भेज दिया है, जिसके कारण नागरिकों में असंतोष व्याप्त है। इस मामले की जांच समिति के मार्फत कराने की मांग भाजपा विधायक आशीष शेलार ने मुख्यमंत्री से की थी। मुख्यमंत्री ने तत्काल उक्त मामले की जांच का आदेश दिया है।
बता दें कि अडानी कंपनी की ओर से पिछले तीन महीने से मीटर की रीडिंग नहीं की जा रही है। अनुमानित बिल उपभोक्ता को भेज दिया जाता है, जिसको लेकर आम जनता में आक्रोश है। राज्य सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करके महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग से इस संबंध में कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दे, ऐसी मांग विधायक ने सीएम से की है। मुंबईकरों की भावनाओं को ध्यान में रखकर उक्त मामले में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए राज्य के ऊर्जा विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञ, उपभोक्ता संगठनों के पदाधिकारी आदि की समिति गठित कर अचानक की गई बिजली दर बढ़ोत्तरी की जांच की जाए, समिति अपनी रिपोर्ट तीन महीने के अंदर जनता के समक्ष रखे, वहीं दूसरी तरफ ग्राहकों को २४²७ सेवा देने के लिए १९१२२ इस क्रमांक की हेल्पलाइन शुरू की गई है। इस नंबर पर शिकायत मिलने पर तत्काल निवारण किया जाएगा। इसके अलावा बिजली दर वृद्धि की शिकायतों के निवारण के लिए १ दिसंबर से १५ दिसंबर के दरम्यान कांदिवली, भाइंदर, बांद्रा, चेंबूर, अंधेरी एमआईडीसी, साकीनाका जैसी ८ जगहों पर विशेष कैंप लगाकर ग्राहकों की शंकाओं का निवारण किया जाएगा। ग्राहकों से चालू बिजली बिल की कॉपी लेकर वैंâप में संपर्क करने का आह्वान कंपनी ने किया गया है।