बिजली दर वृद्धि जांच के लिए बनेगी समिति, शिवसेना के आंदोलन का नतीजा

अडानी कंपनी द्वारा की गई बिजली दर वृद्धि के विरोध में शिवसेना के आंदोलन का नतीजा सामने आने लगा है। ग्राहकों को नियमित बिजली बिल की अपेक्षा अधिक बिजली बिल प्राप्त होने की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति की स्थापना करने का निर्णय महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) ने लिया है। यह जानकारी एमईआरसी के अध्यक्ष आनंद कुलकर्णी ने पत्रकारों को दी। बता दें कि अडानी कंपनी के पास २७ लाख ग्राहकों में से करीब १ लाख १० हजार निवासी ग्राहक हैं। इन ग्राहकों को नवंबर महीने में २० प्रतिशत ज्यादा बिजली बिल प्राप्त हुआ है। कंपनी के प्रतिनिधि ने आयोग के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दिया है कि अक्टूबर में गर्मी होने के कारण बिजली बिल बढ़ाकर ग्राहकों को भेजा गया। कुलकर्णी ने पत्रकारों को बताया कि अडानी कंपनी के स्पष्टीकरण से आयोग संतुष्ट नहीं है इसलिए अडानी कंपनी के स्पष्टीकरण की अधिक जांच की आवश्यकता है। इसके लिए सूचना आयुक्त अजीत जैन और तकनीकी विषय के विशेषज्ञ विजय सोनवणे की दो सदस्यीय समिति स्थापित करने का निर्णय आयोग ने लिया है। यह दो सदस्यीय टीम अडानी कंपनी के अलावा बेस्ट, टाटा पॉवर, महावितरण ऐसे अन्य बिजली वितरण के लाइसेंसधारकों के यहां जाकर मुंबई और उपनगर में इस कालावधि के दरम्यान दिए गए बिजली बिल का तुलनात्मक अध्ययन करेगी। अडानी कंपनी द्वारा अचानक बिजली दर में की गई दर वृद्धि का कारण खोजने का प्रयत्न करेगी ताकि भविषय में ऐसी घटना न घटे।