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बिना अनुदानित विद्यालयों को मिलेगा अनुदान

स्थायी रूप से बिना अनुदानित तत्व पर पात्र साबित हुए विद्यालयों को अब ४० फीसदी तक अनुदान देने के लिए पूरक मांगों में प्रावधान किया गया है। अगले शैक्षणिक वर्ष से शेष बचा अनुदान स्टेप बाई स्टेप दिया जाएगा, ऐसा उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने विधानसभा में बताया। विपक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस ने इस संदर्भ में रखी ध्यानाकर्षण सूचना का उत्तर देते हुए पवार बोल रहे थे। शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड ने कहा कि स्थायी रूप से बिना अनुदानित विद्यालयों का ‘कायमस्वरूपी’ शब्द निकालकर इन विद्यालयों को अनुदान पर लाने का निर्णय २००९ में लिया गया है। उच्च माध्यमिक विद्यालय और कनिष्ठ महाविद्यालयों के संदर्भ में भी फरवरी २०१४ में ऐसा निर्णय लिया गया था। इसके अनुसार मूल्यांकन में पात्र साबित हुए विद्यालयों को २० फीसदी अनुदान दिया गया है। इन विद्यालयों को अगला २० फीसदी अनुदान देने के संदर्भ में प्रस्ताव वित्त विभाग की ओर दिया गया है। इसके लिए सप्लीमेंट्री डिमांड में १४५ करोड़ रुपयों का प्रावधान किया है, ऐसी जानकारी उन्होंने दी। राज्य के स्थायी रूप से बिना अनुदानित विद्यालयों को अनुदान देने के लिए सरकार सकारात्मक है, इस पर कार्यवाही की जाएगी, ऐसा मंत्री वर्षा गायकवाड ने बताया।