बिना आधार राशन के वांदे

मुंबई शहर व आसपास के इलाकों के राशन कार्डधारकों का राशन कार्ड उनकी परेशानी का सबब बन गया है। आधार कार्ड से राशन कार्ड समय से लिंक न हो पाने के चलते उन्हें राशन व अन्य सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। जिसके चलते ऐसे राशन कार्डधारकों के भीतर शासन व प्रशासन के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि सरकार के नियमों के तहत हर राशन कार्ड के सभी सदस्यों का आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक होना जरूरी है। तभी जाकर राशनिंग दुकानदार उन्हें सरकार द्वारा आवंटित हो रहे सामानों की आपूर्ति करता है। यह नियम नेशनल फूड सिक्युरिटी एक्ट २०१३ के तहत पूरे देश में लागू हुआ है। जिसके लिए उन राशन कार्डधारकों को राशनिंग कार्यालय, निजी आधार कार्ड सेंटर व पोस्ट ऑफिसों पर जाकर अपना आधार कार्ड लिंक करवाना पड़ रहा है। चेंबूर गुलशन बाग निवासी करीम शेख ने बताया वह पिछले तीन माह से इस काम के लिए राशनिंग कार्यालय और पोस्ट ऑफिस का चक्कर लगा रहा है लेकिन आज तक उसका कार्ड लिंक नहीं हो पाया है। करीम के मुताबिक इस नियम के चलते पिछले ६ माह से अनाज से वंचित हैं। चेंबूर ३३/ई राशनिंग कार्यालय से ली गई जानकारी के अनुसार कुछ तकनीकी खामियों के चलते अभी तक २० प्रतिशत से अधिक लोगों के राशन कार्ड लिंक नहीं हो पाए हैं, जिनका हुआ है उनका भी थंब वैâच नहीं हो पा रहा है। वडाला स्थित उपनियंत्रक कार्यालय से ली गई जानकारी के मुताबिक ई-रीजन की सभी दुकानों के कुल राशन कार्डधारकों में से नेशनल फूड सिक्युरिटी एक्ट २०१३ के तहत ९४.२६ प्रतिशत राशन कार्डधारकों का राशन कार्ड उनके आधार कार्ड से लिंक हो चुका है।
चेंबूर में २० प्रतिशत राशन कार्डधारकों का आधार लिंक नहीं
ई रीजन में ९४ प्रतिशत राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक
परेशानियों का सबब बन गए है राशन कार्ड