बिहार की २६ सीटों पर हावी है वंशवाद!, नेता पुत्र आजमा रहे हैं किस्मत

राज्य की ४० लोकसभा सीटों में से २६ सीटों पर वंशवाद हावी है। इन सीटों पर सत्ता के दोनों दावेदार गठबंधनों ने ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा हैं, जिनके सगे संबंधी पहले से ही राजनीति में रहे हैं। वंशवाद को आगे बढ़ाने में भाजपा, राजद, लोजपा जैसी पार्टियां आगे रही हैं। इस लोकसभा चुनाव मैदान में १५ नेता पुत्र अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय के बेटे चंद्रिका राय भी चुनाव मैदान में हैं। पूर्व मंत्री व लालू प्रसाद के समधी चंद्रिका राय सारण से राजद के उम्मीदवार हैं, वहीं वाल्मीकि नगर के कांग्रेस उम्मीदवार शाश्वत केदार पांडेय के पिता मनोज पांडेय भी सांसद रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का है। भाजपा ने पटना साहिब से उन्हें उम्मीदवार बनाया है। इनके पिता ठाकुर प्रसाद की गिनती देश के बड़े जनसंघ व भाजपा नेताओं में होती थी। मधुबनी से भाजपा प्रत्याशी डॉ. अशोक कुमार यादव पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकुमदेव नारायण यादव के बेटे हैं, वहीं समस्तीपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. अशोक राम के पिता बालेश्वर राम नेहरू मंत्रिमंडल के सदस्य रहे हैं। जमुई से लोजपा प्रत्याशी चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के बेटे हैं, वहीं खगड़िया से लोजपा के प्रत्याशी महबूब अली वैâसर कांग्रेस के बड़े नेता व पूर्व मंत्री चौधरी सलाउद्दीन के पुत्र हैं जबकि गया से जद-यू प्रत्याशी विजय मांझी पूर्व सांसद भगवतिया देवी के बेटे हैं। मुजफ्फरपुर से भाजपा उम्मीदवार अजय निषाद पूर्व केंद्रीय मंत्री वैâप्टन जय नारायण निषाद के पुत्र हैं, वहीं मोतिहारी से रालोसपा उम्मीदवार आकाश सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सदस्य अखिलेश सिंह के पुत्र हैं। बेतिया से भाजपा प्रत्याशी संजय जायसवाल पूर्व सांसद डॉ. मदन जायसवाल के बेटे हैं, वहीं सीतामढ़ी से जद-यू उम्मीदवार सुनील कुमार पिंटू के पिता भाजपा विधायक थे जबकि महाराजगंज से राजद प्रत्याशी रंधीर सिंह पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के पुत्र हैं। पूर्णिया से कांग्रेस प्रत्याशी उदय सिंह पूर्व सांसद माधुरी सिंह के बेटे हैं। इनके भाई व बहन तो सांसद रह ही चुके हैं, बहनोई व बहन के ससुर और सास भी सांसद रहे हैं, वहीं अररिया से राजद प्रत्याशी सरफरराज पूर्व मंत्री तस्लीमुद्दीन के पुत्र हैं।