बिहार में सीट बंटवारे पर रार, भाजपा के खिलाफ हुए पशुपति कुमार

बिहार में भाजपा के खिलाफ रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस ने भी मोर्चा खोल दिया है। राज्य में 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग को लेकर एनडीए में खींचतान चल रही है। इस मुद्दे पर लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) भारतीय जनता पार्टी से नाराज है। सांसद चिराग पासवान के ट्वीट के बाद बुधवार को लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार सरकार में मंत्री पशुपति कुमार पारस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। पशुपति ने कहा कि सीट शेयरिंग को लेकर बीजेपी और जदयू ने 50-50 का समझौता कर लिया और लोजपा को पूछा तक नहीं। पशुपति ने कहा कि जदयू और बीजेपी ने मिलकर सीट का बंटवारा कर लिया। लोजपा से कोई बात नहीं की गई। अगर आप हमसे बात नहीं करेंगे तो हम क्यों पीछे-पीछे दौड़ेंगे। बीजेपी को गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए। उसे एनडीए में शामिल बिहार की सभी पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ बैठक कर किसी फैसले तक पहुंचना चाहिए था। इसके चलते रालोसपा एनडीए से अलग हो गई। जीतन राम मांझी की पार्टी हम तो पहले ही अलग हो चुकी है। एनडीए में बिखराव हो रहा है। यह मुश्किल घड़ी है। बूंद-बूंद से तालाब भरता है।
पशुपति ने कहा कि 2014 के चुनाव में लोजपा सात सीट पर लड़ी थी और हमें छह पर जीत मिली थी। इस बार भी सात सीट की मांग करते हैं। हम नालंदा सीट की मांग नहीं करते क्योंकि यह जदयू की सीटिंग सीट है। हमें इसके बदले कोई और सीट दी जाए। हम सीट शेयरिंग पर बात के लिए 31 दिसंबर तक का इंतजार करेंगे।

सीट शेयरिंग को लेकर चिराग पासवान ने ट्वीट कर अपनी परेशानी जताई है। चिराग ने ट्वीट किया कि गठबंधन की सीटों को लेकर कई बार भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से मुलाकात हुई, परंतु अभी तक कुछ ठोस बात आगे नहीं बढ़ पायी है। इस विषय पर समय रहते बात नहीं बनी तो इससे नुकसान भी हो सकता है।