बिहार में गरमी का आतंक, २५० लोगों की मौत

बिहार इन दिनों चमकी बुखार और लू दोनों की दोहरी मार झेल रहा है। चमकी बुखार से अब तक १३५ बच्चों की मौत हो चुकी है और पिछले २४ घंटे में १२ लोगों की लू से जान गई है। राज्य में अब तक लू के कारण पिछले तीन दिनों में मरने वालों की तादाद ९० पहुंच गई है। हालांकि गैर आधिकारिक तौर पर दर्जनों जिलों में पिछले तीन दिनों में २५० से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।

बिहार में सबसे ज्यादा लू के कारण मौतें औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई जिलों में हुईं, जहां १५, १६ और १७ जून को पारा ४५.८ से लेकर ४२ डिग्री सेल्सियस तक रहा। राज्य आपदा विभाग की वेबसाइट के मुताबिक, मंगलवार तक राज्य में ९० लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से औरंगाबाद में ४१, गया में ३५ और नवादा में १४ लोगों की जान लू के कारण जा चुकी है।

इससे पहले खबर आई थी कि सीएम नीतीश कुमार नवादा, गया और औरंगाबाद जिलों में कई जगहों पर हवाई सर्वे करेंगे। लेकिन अब सीएम नीतीश हवाई दौरान न करके अनुग्रह मोमोरियल मेडिकल कॉलेज में लू-पीड़ितों से मुलाकात करेंगे।

हाल ही में सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने श्रीकृष्णा मेमोरियल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का दौरा किया था, जहां चमकी बुखार के कारण सबसे ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। यहां सीएम पीड़ितों और उनके परिजनों से मिले। इस दौरान उन्हें प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना भी करना पड़ा। लोगों ने नीतीश वापस जाओ के नारे भी लगाए। चमकी बुखार का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। सोमवार को शीर्ष अदालत इस पर सुनवाई करेगी।