बीत गई कयामत की रात, कहीं मनेगा मातम, कहीं होगी दिवाली!

लोकसभा चुनाव २०१९ के लिए सातवें चरण के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल्स में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिलने के संकेत मिले हैं। बावजूद इसके देशभर में चुनाव लड़ रहे उम्‍मीदवारों की हालत पतली है। इनके लिए तो आज कयामत की रात है। रात की कौन कहे, यहां तो दिन काटना मुश्किल हो रहा है। धड़कनें इतनी तेज कि पास बैठा शख्‍स भी सांसों की रफ्तार से सहसा उनका मिजाज भांप ले रहा है। चुनाव परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे भाजपा-कांग्रेस सहित तमाम राजनैतिक पार्टियों के दावेदार कुछ इस तरह खौफजदा हैं। क्योंकि चुनावी नतीजों से ही ये उम्‍मीदवार या तो चमकता चांद बनेंगे या फिर एक झटके में ही टूटा हुआ तारा।
आज लोकसभा का परिणाम आनेवाला है। इसे लेकर लगभग सभी राजनीतिक दलों ने खास तैयारियां कर रखी हैं। भाजपा समेत तमाम राजनीतिक दलों ने अपने कार्यकर्ताओं को मतगणना को लेकर खास निर्देश दिए हैं। अपनी-अपनी जीत की आस लगाए उम्‍मीदवार समर्थकों से बस विपक्षी प्रत्‍याशी की हार की बातें सुनना चाह रहा है। स्‍ट्रांग रुम में चाक-चौबंद सुरक्षा में रखे गए ईवीएम से अपने खाते में वोट बरसाने की गुहार लगा रहा है।
मंदिर-मस्जिद में भी मनौती-दुआ मांगी जा रही है। खुशफहमी का आलम यह है कि आमने-सामने की टक्‍कर और त्रिकोणीय मुकाबले वाली सीटों पर भी वे एकतरफा जीत का दावा किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में मतों की गिनती के लिए जहां प्रशासनिक कवायद पूरे रौ में है। वहीं प्रत्‍याशी भी अपने गुणा-भाग के साथ आकलन को मजबूती देने में लगे हैं। पहले राउंड से लेकर रिजल्ट आने तक की तमाम गतिविधियों पर सरसरी नजर रखने के लिए उम्‍मीदवार अपने खास और चहेते को पूरी गणित समझा रहे हैं। सुबह आठ बजे से काउंटिंग शुुरू होने के पहले ही प्रत्‍याशी के अभिकर्ता को मतगणना केंद्र पर रिपोर्ट करने को कहा गया है। अंतिम परिणाम मिलने तक पूरी मुस्‍तैदी और बारीकी से एक-एक वोट पर नजर रखने की सख्‍त ताकीद की गई है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो अब बस मतगणना और रिजल्‍ट का इंतजार है।
पिछले चुनावों का परिणाम जनता को पता है। उससे कितना इतर यह परिणाम होगा अब बस इसकी उत्कंठा बाकी है। इस बार हालात में बदलाव यह है कि तब महागठबंधन नहीं था, इस बार है। तब मोदी लहर थी, इस बार मोदी का काम है। मतलब, एकजुटता महागठबंधन की ताकत तो भाजपा की ताकत मोदी।