बुरहान वानी की बरसी पर दहशत का माहौल, इसलिए जम्मू से रवाना नहीं हुआ अमरनाथ श्रद्धालुओं का जत्था

हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की तीसरी बरसी पर कश्मीर में अलगाववादियों के बंद के आह्वान के दौरान दहशत का माहौल कितना था अंदाजा इसी से लगाया जा सकता था कि एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा के जत्थे को जम्मू से रवाना नहीं किया गया। एक जुलाई से शुरू हुई बाबा अमरनाथ यात्रा के बाद सोमवार को  पहली बार यात्रा को स्थगित किया गया है। यात्रा स्थगित करने का फैसला पुलिस और प्रशासन ने देर रात को लिया। हालांकि पहलगाम और बालटाल पहुंचे हुए श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा और दर्शनों का सिलसिला जारी रखा था।

जम्मू के यात्री निवास में चार हजार से अधिक श्रद्धालु डेरा डाले हुए हैं। यात्रा पर रवाना होने के लिए श्रद्धालु रविवार को देर शाम तक यात्री निवासी पहुंचते रहे लेकिन देर रात यह जानकारी मिली की सोमवार को जत्था रवाना नहीं होगा। पिछले वर्ष भी बुरहान वानी की बरसी पर यात्रा को स्थगित किया गया था। अब तक 90 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में शिवलिंग के दर्शन कर लिए हैं। यात्रा का आंकड़ा आज शाम को एक लाख की संख्या पार कर जाएगा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में लगातार उत्साह बना हुआ है।

भगवती नगर आधार शिविर में करीब 2 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है। ऐसे में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने बाकी श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था यात्री निवास के साथ लगते आसाराम बापू आश्रम में कर रखी है। आज भी श्रद्धालुओं का आना जारी है। ऐसे में श्रद्धालुओं को आश्रम में शेड के नीचे ठहराया गया है। कई श्रद्धालुओं ने भगवती नगर में ही किराए के मकान में ठहरने की व्यवस्था कर ली है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आज दिन के लिए जम्मू से यात्रा स्थगित कर दी गई है और मंगलवार को यह बहाल होगी। यह यात्रा अनंतनाग जिले के पारंपरिक 36 किमी लंबे पहलगाम मार्ग और गंदेरबल जिले के 14 किमी लंबे बालटाल मार्ग से चल रही है। रविवार रात तक 95,923 तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इस यात्रा का समापन रक्षा बंधन के दिन 15 अगस्त को होगा।

दूसरी ओर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने अमरनाथ यात्रा के इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। मुफ्ती ने आरोप लगाया है कि व्यवस्था से कश्मीर घाटी के लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सालों से अमरनाथ यात्रा होती चली आ रही है। लेकिन दुर्भाग्य से इस साल जो इंतजाम किए गए हैं वे कश्मीर के लोगों के खिलाफ हैं। स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में इससे बहुत सारी कठिनाई हो रही है। मैं राज्यपाल से इस मामले में दखल देने की अपील करती हूं।