बुलेट अधिकारियों ने मांगी किसानों से माफी

अभी दो दिन पहले ही भिवंडी प्रांत अधिकारी ने किसानों और बुलेट ट्रेन प्रशासन के बीच बैठक तय की थी। इस बैठक में किसान अपनी समस्याओं को बुलेट अधिकारियों से अवगत कराएंगे। बैठक हुई भी नहीं कि मुंबई-अमदाबाद हाइस्पीड रेलवे प्रोजेक्ट के विद्युत विभाग के कई अधिकारी भिवंडी के किसानों के खेतों में घुसे थे जिसके बाद गुस्साए किसानों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से लिखित माफी मंगवाई। साथ ही यह भी कहा कि अगर दोबारा बिना पूंछे हमारे खेतों में घुसोगें तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।
जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले भिवंडी प्रांत अधिकारी ने किसानों सहित मुंबई-अमदाबाद हाइस्पीड रेलवे प्रोजेक्ट के अधिकारियों को पत्र भेजकर दोनों पक्षों के बीच मुलाकात तय करावाई थी। संतोषजनक मुलाकात के बाद बुलेट ट्रेन को आगे बढ़ाया जाएगा लेकिन १० सितंबर को ११.३० बजे जाना था। बुलेट ट्रेन प्रशासन के विद्युत विभाग के अधिकारी भिवंडी ग्रामपंचायत के अंतर्गत आनेवाले भरोड़ी गांव के खेतों में सर्वे के लिए गए थे। जैसे ही इसकी जानकारी किसानों मिली सभी किसान इक्कठा हुए और पुलिस सहित विद्युत विभाग के अधिकारियों को पकड़कर ग्रामपंचायत विभाग में लेकर गए और अधिकारियों को लिखित माफी मांगने को कहा, जिसके बाद वहां गए अधिकारियों ने लिखित माफी मांगकर अपनी गलती मानी। भरोड़ी गांव की सरपंच सुनंदा पाटील ने बताया कि किसानों को बिना पूंछे उनके खेतों में घुसना गलत है। मुंबई-अमदाबाद हाइस्पीड रेलवे प्रोजेक्ट के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर यू.पी. सिंह ने बताया कि हमारे विद्युत विभाग के अधिकारी केवल बिजली का सर्वे करने गए थे।
बुलेट प्रशासन के जनसंपर्क अधिकारी धनंजय कुमार ने बताया कि बुलेट के विद्युत विभाग के अधिकारी भरोड़ी गांव में बननेवाले विद्युत के सब स्टेशन की जांच के लिए गए थे लेकिन किसानों को गलतफहमी हो गई थी इसलिए उन्होंने उसने माफी मंगवाई। गलतफहमी दूर हो चुकी है।