बुलेट ट्रेन: कोर्ट ने पूछा, ठाणे में जमीन अधिग्रहण कब शुरू होगा?

न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे की पीठ बुलेट ट्रेन मामले में निर्माण कंपनी अटलांटा लिमिटेड की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कंपनी ने बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए अब आरक्षित हो चुकी जमीन पर काम रोकने के नोटिस को चुनौती दी है।
मुंबई हाईकोर्ट ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लि. (एनएचएसआरसीएल) और ठाणे जिले के कलेक्टर को हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्दश दिया है कि मुंबई-अमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए मुंब्रा इलाके में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कब शुरू होगी? ठाणे जिले के मुंब्रा में निर्माण कंपनी और एनएचएसआरसीएल को भूमि अधिग्रहण मामले के निपटारे पर भी विचार करने का भी सुझाव दिया है।
न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे की पीठ निर्माण कंपनी अटलांटा लिमिटेड की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कंपनी ने बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए अब आरक्षित हो चुकी जमीन पर काम रोकने के नोटिस को चुनौती दी है। कंपनी ने ठाणे नगर निगम (टीएमसी) द्वारा दो मई को जारी नोटिस के खिलाफ सितंबर में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। नगर निगम ने इस नोटिस में कंपनी को मुंब्रा के निकट अपनी तीन हेक्टेयर जमीन पर काम रोकने के लिए कहा था। पीठ ने सोमवार को सबंधित पक्षों को सौहार्द्रपूर्ण तरीके से मामले को सुलझाने का भी सुझाव दिया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एमएम वाशी ने न्यायालय से कहा कि वह मामले को सुलझाने के लिए तैयार हैं। पीठ ने एनएचएसआरसीएल और ठाणे के कलेक्टर से जानना चाहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया कब शुरू होगी? मामले पर पीठ अगली सुनवाई १४ जनवरी को करेगी।