बुलेट होगी और ‘लेट’, कारशेड की जगह बदलने के लिए खोजी जा रही नई जमीन

हिंदुस्थान की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का और लेट होना तय है क्योंकि जिस जगह पर नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा बुलेट ट्रेन के कारशेड की जगह निश्चित की गई थी, वहीं के स्थानीय नागरिकों की मांग पर राजस्व विभाग (मंत्रालय) द्वारा कारशेड की जगह बदलने का आदेश जारी किया गया है। राजस्व विभाग द्वारा पत्र भेजकर बुलेट ट्रेन कारशेड के लिए नई जगह ढूंढ़ने का जिम्मा ठाणे जिला अधिकारी के संबंधित विभाग को सौंपा गया है। एनएचआरसीएल अधिकारियों का कहना हैं कि जब बुलेट ट्रेन के कारशेड के लिए देरी हो रही तो बुलेट ट्रेन की प्रत्यक्ष शुरुआत में और भी लेट (देरी) होना तय है।
बता दें कि हिंदुस्थान की पहली मुंबई अमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ५०८ किलोमीटर लंबीr है, जिसे वर्ष २०२२ तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया हैं लेकिन बुलेट ट्रेन के सामने आ रही परेशानियों के चलते बुलेट ट्रेन का देरी से शुरू होना तय है। एनएचआरसीएल द्वारा बनाए गए बुलेट ट्रेन मैप के अनुसार भिवंडी स्थित भरोड़ी गांव को बुलेट ट्रेन के कारशेड के लिए निश्चित किया गया है। मौजूदा समय में भरोड़ी गांव में कुल ५० से अधिक घर हैं जबकि गांव में कुल ५,००० से अधिक लोग रहते हैं। गांव के समीप यदि कारशेड बनाया गया तो गांववालों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा इसलिए गांववालों ने राजस्व विभाग को पत्र भेजकर कारशेड की जगह बदलने की मांग की थी। मांग के आधार पर राजस्व विभाग ने ठाणे जिला अधिकारी के संबंधित विभाग को बुलेट कारशेड के लिए नई जगह खोजने का आदेश दिया है। ठाणे जिला अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना हैं कि अभी तक उचित जगह की खोज नहीं हो पाई हैं, साथ ही जगह खोजने का कार्य जारी है।
भरोड़ी गांव के रहनेवाले (शेतकरी संगठन, भरोड़ी) विनोद पाटील ने बताया कि कारशेड के शुरू होने से भरोड़ी गांव के पर्यावरण और निवासियों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा इसलिए हमने राजस्व मंत्री से कारशेड की जगह बदलने की मांग की थी, जिसे मंजूरी दी गई है। इस संदर्भ में एनएचआरसीएल के जनसंपर्क अधिकारी धनंजय कुमार से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।