" /> बेजुबां पशु-पक्षियों का आधार बनी जीवदया सेनानी, ९० दिनों से दे रहे हैं दाना-पानी

बेजुबां पशु-पक्षियों का आधार बनी जीवदया सेनानी, ९० दिनों से दे रहे हैं दाना-पानी

कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन में मनपा द्वारा जहां गरीब, बेसहारा व जरूरतमंद लोगों के भोजन के लिए कम्युनिटी किचन व रहने के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था की गई थी तो वहीं सड़कों पर रहनेवाले बेजुबां पशु व पक्षियों को दाना-पानी देने के लिए ‘जैसलपार्क चौपाटी कल्याण समिति’ के जीवदया सेनानी आगे आए। इस महामारी में वे अपनी जान की परवाह किए बिना पिछले ९० दिनों से सैकड़ों पशु व पक्षियों को निरंतर खाना व पानी दे रहे हैं ताकि कोरोना से जंग में ये बेजुबां भी सुरक्षित रहें। कोई भी बेजुबान भूखा न रह जाए, यही समिति का लक्ष्य भी रहा है।
संतोष जैन बताती हैं कि कुत्ते-बिल्लियों को खिलाने के लिए महिला कार्यकर्ता अपने घरों से चावल, दूध, पेडिकरी, बिस्किट आदि ले जाकर जैसलपार्क, चौपाटी, रेलवे स्टेशन, बंदरवाड़ी, हनुमान नगर, आशा नगर, कोलीवाड़ा, आर.न.पी. पार्क, नवघर रोड, एस व्ही रोड, बीपी रोड आदि जगहों पर तीनों पहर खिलाती हैं। जगह-जगह पानी की व्यवस्था भी की गई है। इस नेक कार्य में पुलिसकर्मी भी हर संभव सहयोग दे रहे हैं। मनपा से अनुमति लेकर समिति यह कार्य कर रही है। समिति के अध्यक्ष डॉ. एम. एल. गुप्ता बताते हैं कि गली-कूंचों सहित सड़क किनारे कुत्तों-बिल्लियों समेत गायों का भी ख्याल रखा जाता है।
महासचिव नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि समिति द्वारा कार्यकर्ताओं को अनाज, दूध, बिस्किट, गाठिया, पेडिगरी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनके पास जख्मी पशु-पक्षियों के लिए दवाएं भी रहती हैं। वित्त सचिव भरत अग्रवाल ने बताया कि १५-२० कुत्तों की नसबंदी व जख्मी पशु-पक्षियों को दवा देकर जीवदया सेनानियों ने बड़ी राहत दी है। इस कार्य में विशेष रूप से अग्रवाल समाज फतहनगर, सक्षम फाउंडेशन, भाइंदर सीए सोशल ग्रुप, दिव्या अमरनानी, संगीता शेट्टी, हेमलता सिंह, नैना मालोडे, पूनम वेले, वर्षा सिंह, शुभांगी, सोनल कोर, राजेंद्र मित्तल, सीए पवन अग्रवाल, सीए अमित अग्रवाल, देवकीनंदन मोदी, सुशील पोद्दार, प्रदीप शर्मा, अनिल मित्तल, इंदर मोर, सुभाष जांगिड़, प्रेरित ढेलिया, गौरव अग्रवाल, सुमित अग्रवाल आदि की प्रमुख भूमिका है।