" /> बेड पर बवाल!, कोरोना को लेकर दहशत का माहौल

बेड पर बवाल!, कोरोना को लेकर दहशत का माहौल

कोरोना को कंट्रोल करने के लिए जिले में आपातकाल लागू है। कोरोना वायरस के पैâलने के संभावित खतरे को देखते हुए ठाणे मनपा प्रशासन हर क्षेत्र में आइसोलेशन वॉर्ड के निर्माण का प्रयास कर रहा है। मनपा के प्रयासों को उस समय गहरा धक्का लगा जब बेहद खौफजदा स्थानीय लोगों ने यह कहकर विरोध करना शुरू कर दिया कि यहां पर कोरोना पीड़ितों का इलाज किए जाने पर परिसर के लोग प्रभावित होंगे। शहर के दो अलग-अलग क्षेत्रों श्रीनगर तथा कासरवडवली में हुए विरोध प्रदर्शनों के चलते आइसोलेशन वॉर्ड का काम रोक दिया गया है।
हर दिन देश में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में हैं। लोग भारी दहशत में हैं। रविवार को वागले इस्टेट के श्रीनगर परिसर में कोरोना वायरस से पीड़ितों के इलाज हेतु आइसोलेशन वॉर्ड का निर्माण किया जा रहा था। खाट से लेकर बेड तक आवश्यक सामग्री मंगा ली गई थी पर स्थानीय लोगों के विरोध के चलते यह काम रोक दिया गया है। इसी तरह से सोमवार को कासरवडवली स्थित बीएसयूपी की एक इमारत की चौथी मंजिल पर आइसोलेशन वॉर्ड बनाने का काम चल रहा था। कोरोना पीड़ितों के इलाज हेतु वॉर्ड बनाए जाने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में महिला प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गर्इं। स्थानीय नगरसेवक ने उन्हें भरसक समझाने-बुझाने का प्रयास किया पर जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तब यहां भी वॉर्ड के निर्माण का काम रोक दिया गया। कोरोना की दहशत लोगों में इस कदर पैठ बना चुकी है कि उन्हें लगता है कि अगर परिसर में पीड़ितों का इलाज किया गया तो पूरे क्षेत्र के लोगों में वायरस पैâल जाएगा। स्थानीय लोगों के इस भ्रम को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ठाणे जिले में संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन की तरफ से १३६ तथा निजी अस्पतालों की तरफ से २५ आइसोलेशन वॉर्ड बनाकर तैयार रखे गए हैं। पूर्व तैयारी के रूप में मनपा की कोशिश ज्यादा से ज्यादा आइसोलेशन वॉर्ड बनाने की है ताकि किसी भी परिस्थिति का मुकाबला किया जा सके।