बेवफाई अच्छी है!, विवाहेत्तर संबंधों के समर्थन में ७० फीसदी जोड़े

हिंदुस्थानी संस्कृति में पति-पत्नी के रिश्ते को सात जन्मों का साथ तथा विवाहेत्तर संबंधों को पाप माना जाता है। हालांकि यह बुराई हिंदुस्थान में भी तेजी से पांव पसार रही है। लोग खुल कर इन संबंधों को अपना समर्थन देने लगे हैं। अमेरिका में हुए एक अध्ययन ने तो विवाह जैसी सामाजिक व्यवस्था को ही खतरे में डाल दिया है। इस अध्ययन में शामिल ७० फीसदी जोड़ों ने विवाहेत्तर संबंधों अर्थात अपने जीवनसाथी के साथ बेवफाई को अनैतिक मानने से इंकार कर दिया है। इस सर्वे में शामिल लोगों के मुताबिक बेवफाई अच्छी है। यह अध्ययन अमेरिका की मिसौरी स्टेट यूनिवर्सिटी की डॉ. एलीसिया वॉकर ने किया है।
बता दें कि डेटिंग वेबसाइट ‘एश्ले मेडिसन’ के जरिए अमेरिका की मिसौरी स्टेट यूनिवर्सिटी की समाजशास्त्री डॉ. एलीसिया वॉकर द्वारा किए गए इस अध्ययन में पता चला है कि १० में से सात लोगों ने विवाहेत्तर संबंधों को अपनी शादीशुदा जिंदगी के लिए अच्छा बताया है। बहरहाल इस डेटिंग वेबसाइट का मुख्य काम विवाहित और रिलेशनशिप में रह रहे जोड़ों के लिए डेटिंग की सुविधा मुहैया कराना है। इसलिए इस वेबसाइट से आए नतीजे ज्यादा हैरानी नहीं पैदा करते हैं, पर जब एक यूनिवर्सिटी की विद्वान सर्वेक्षण करके इसमें शामिल लोगों से पूछती है कि शादीशुदा जिंदगी से बाहर किसी और से संबंध बनाने के बाद उनके ‘जीवन की संतुष्टि’ पर क्या असर पड़ा और इसके जवाब में ज्यादातर लोग विवाहेत्तर संबंध को बेहतर जीवन के लिए अच्छा बताते हैं तो इस पर आश्चर्य ही होता है। सर्वेक्षण में शामिल महिलाएं पुरुषों से ज्यादा अपने विवाहेत्तर संबंधों की वजह से ज्यादा खुश बताई गर्इं। इसी तरह ‘पब्मेड’ नामक जर्नल में कहा गया है कि जो लोग किसी से अफेयर करते हैं, लेकिन इसकी जानकारी अपने पार्टनर को नहीं देते, वे ज्यादा खुश रहते हैं।