बेस्ट की हड़ताल, मुंबईकर बदहाल, हड़ताल से हटी शिवसेना

मुंबई की दूसरी लाइफलाइन कही जानेवाली बेस्ट बस कल सड़कों से नदारद रही। बेस्ट की हड़ताल के कारण मुंबईकर बदहाल रहे। कई लोग हड़ताल की खबर से ही अनजान थे। हड़ताल के चलते बस के मुसाफिरों को टैक्सी व ऑटोरिक्शा का सहारा लेना पड़ा। इस हड़ताल से शिवसेना प्रणीत बेस्ट कामगार सेना ने हटने का निर्णय लिया। इसके चलते कामगार सेना के कर्मचारी आज रात से ही काम पर हाजिर हो गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि शिवसेना के हटने के बाद शशांक राव के संगठन का आंदोलन पंचर हो जाएगा।
बता दें कि रोजाना बेस्ट में २५ लाख यात्री सफर करते हैं। हड़ताल होने के कारण कल सारा भार लोकल ट्रेन, टैक्सी और ऑटो पर आ गया। अपने गंतव्य पर पहुंचने के लिए जिसे जो साधन मिला, वो उससे चला गया। दहिसर के निवासी लक्ष्मण यादव ने बताया कि रोजमर्रा की तरह जॉब पर जाने के लिए वे ७०२ (घोड़बंदर) के बस स्टॉप पर ख़ड़े थे लेकिन आधा घंटा बीतने के बाद भी बस का पता नहीं था फिर एक रिक्शावाले ने उन्हें बस हड़ताल की जानकारी दी इसलिए वे घर लौट गए। मीरा रोड की रहनेवाली ज्योति गोहिल बोरीवली में अपने रिश्तेदार के यहां आई थी लेकिन बस हड़ताल से वो भी अंजान थी। हड़ताल के कारण मजबूरन उन्हें रिक्शा का सहारा लेना पड़ा। वाशी जाने के लिए ४५ मिनट से बोरीवली स्टेशन के बस स्टॉप पर पवन अग्रवाल इस आस में बैठे थे कि बस आएगी लेकिन जब उन्हें पता चला कि हड़ताल है तो वह काफी निराश हो गए। उन्होंने कहा कि तीन ट्रेन बदलकर वे वाशी पहुंचेंगे।
बस स्टॉप पर सन्नाटा
हड़ताल के कारण कल बस स्टॉप पर सन्नाटा छाया हुआ था। वर्तमान में बेस्ट के कुल २२ हजार ड्राइवर और कंडक्टर हैं लेकिन इनमें से महज १७ ही कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें १३ ड्राइवर और ४ कंडक्टर थे।
ऑटो और टैक्सी चालकों की चांदी
बेस्ट हड़ताल का फायदा कल ऑटो और टैक्सीचालकों ने उठाया। यात्री शिवकुमार ने बताया कि आम दिनों में टैक्सीवाले चर्चगेट से सीएसटी का शेयरिंग किराया १० रुपए लेते हैं लेकिन कल १५ से २० रुपया लिया गया। बोरीवली से दहिसर तक शेयरिंग ऑटो वाले कल काशीमीरा तक लोगों को लेकर जा रहे थे वो भी वाजिब दाम में।
रेल खचाखच, अतिरिक्त सेवा चलाई
बेस्ट की हड़ताल को देखते हुए कल रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष लोकल सेवाओं को चालया। पश्चिम रेलवे ने कल १२ विशेष लोकल चर्चगेट से विरार के बीच चलाई। इसी तरह महाराष्ट्र राज्य परिवहन मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त ४० बसें चलार्इं, जिससे यात्रियों को थोड़ी-बहुत राहत मिली।